प्रतीकात्मक तस्वीर
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राजीव पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि, इस संग्रहालय में मास्क, पीपीई किट, सेनिटाइजर, ग्लव्स के अलावा उन सभी सामानों को दिखाया जाएगा, जो इस वायरस से लड़ने में उपयोगी साबित हुए। इस संग्रहालय को बनाने को लेकर राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है और अंतिम मंजूरी का इंतजार है। डॉक्टर पांडे ने इस महामारी को लेकर कहा कि, 'इस तरह की महामारी 100 साल बाद आई। ऐसी चीजें हमारे दादा-दादी ने कभी नहीं देखी थी, जिसका सामना हम कर रहे हैं।'