सेहत को ध्यान में रखकर खाएं और खिलाएं
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ट्रेडिशनल तरीकों से बनाये गए दीपावली के व्यंजन घी, शकर और तेल से सराबोर भी होते हैं। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से किसी का भी पाचन बिगड़ सकता है और वे लोग जो पहले से ही डायबिटीज, हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल आदि जैसी समस्याओं से ग्रसित हैं, उनके लिए तो ये व्यंजन वर्जित ही हो जाते हैं। कोशिश करें कि आप इनके हेल्दी विकल्प चुन सकें। ताकि थोड़ी बहुत मात्रा में इनका सेवन वे लोग भी कर सकें जिन्हें डॉक्टर ने थोड़ी मात्रा में ये चीजें खाने के लिए कहा हो। उदाहरण के लिए मठरी के लिए गेहूं के मोटे आटे में, चने और जौ को भी पिसवा कर मिलवा लें और इनमें थोड़ा मोयन डालकर इन्हें बेक करें या घी में तलकर रख लें। इसी तरह गुझिया में ताजा खजूर, गुड़ और ताजा नारियल किस कर डालें। इन्हें भी आप बेक कर सकते हैं या चाहें तो मोदक की तरह भाप में भी पका सकते हैं। वहीं चिवड़े में मखाने, मूंगफली दाने, पोहा आदि सेक कर डालें। ऊपर से कम से कम तेल का छौंक लगा दें। ये डीप फ़्राय नहीं होंगे तो कम नुकसान पहुंचाएंगे। आप शकर की जगह गुड़, खजूर, खारक, आदि का इस्तेमाल भी कम मीठे के लिए कर सकते हैं। वहीं मेहमानों के सामने ताजे मौसमी फल, पॉपकॉर्न, लस्सी, नीबू पानी जैसे विकल्प भी रखे जा सकते हैं।