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क्या कान के माध्यम से भी शरीर में पहुंच सकता है कोरोना वायरस? जानिए ऐसे ही कई खास सवालों के जवाब

Mon, 22 Jun 2020 12:08 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
कोरोना वायरस महामारी से पूरा देश प्रभावित है। ऐसे में हर कोई इस घातक वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रख रहे हैं। इसके साथ ही सरकार के द्वारा भी इस वायरस के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लेकिन इन सब के बावजूद भी कोरोना वायरस से जुड़े ऐसे कई मिथ हैं, जो हमारे समाज में बहुत तेजी से फैल रहे हैं। इसी बीच एक खबर ये भी वायरल हो रही है कि कोरोना वायरस कान के रास्ते भी हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। आइए जानते हैं इस पर विशेषज्ञों की क्या राय है?
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कोरोना वायरस - फोटो : फाइल फोटो
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना वायरस इंसान के शरीर में केवल नाक, कान और आंख के माध्यम से ही शरीर में प्रवेश कर सकता है। अगर आपको कान से जुड़ी कोई बीमारी नहीं है, तो कान के माध्यम से कोरोना वायरस प्रवेश नहीं कर सकता है। वहीं कई लोगों का ये भी मानना है कि कोरोना वायरस के क्षमता में परिवर्तन हुआ है।
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कोरोना वायरस - फोटो : फाइल फोटो
क्या सच में कोरोना वायरस की क्षमता में कुछ परिवर्तन हुआ है, जिसके वजह से संक्रमण का असर कम हो रहा है?
इस बात का अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है कि कोरोना वायरस में कोई बदलाव हुआ है और इससे होने वाले असर में परिवर्तन हुआ है। फिलहाल देश में वायरस का संक्रमण तेजी से ही फैल रहा है। लेकिन करीब 80 फिसदी लोगों को इलाज की जरूरत नहीं पड़ी है। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के बल पर अधिकांश संक्रमित लोग अपने से ही ठीक हो गए हैं।

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कोरोना वायरस - फोटो : पीटीआई
कोरोना वायरस संक्रमण के प्रति नकारात्मक सोच से बचें
कोरोना वायरस कोई एचआईवी जैसी बीमारी नहीं है, जो एक बार होने के बाद ठीक नहीं हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि इस वायरस से होने वाले संक्रमण के प्रति नकारात्मक सोच से बचें। हमारे देश में कोरोना से मृत्यु का दर बहुत कम है। अधिकांश मरीज संक्रमित होने के बाद 10 से 14 दिन के अंदर ठीक हो जा रहे हैं। इसलिए कोरोना वायरस से बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
कब तक आएगी वैक्सीन?
कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। वैक्सीन की प्रगति को लेकर भी अच्छी रिपोर्ट आ रही हैं। हालांकि क्लिनकल ट्रायल की प्रक्रिया लंबी होने के कारण इसमें देर हो रही है। उम्मीद है कि बहुत जल्द ही इस वायरस की वैक्सीन तैयार हो जाएगी।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
क्या कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क जरूरी है?
कोई भी सर्जिकल मास्क को ऐसा डिजाइन ही नहीं किया गया है कि जो वायरल पार्टिकल्स को ब्लॉक कर दे। लेकिन संक्रमित व्यक्ति मास्क लगाकर वायरस को फैलने से रोक सकता है। क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के छींकने और सांस लेने के दौरान निकलने वाली महीन बूंदों में वायरस होते हैं।
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