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Corona Effect: अमेरिका में इस साल पांच लाख कम बच्चे जन्म लेंगे, केवल कोरोना नहीं, और भी है कारण

Thu, 25 Jun 2020 12:42 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नवजात शिशु (फाइल फोटो) - फोटो : Pixabay
चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने दुनिया के 200 से ज्यादा देशों को प्रभावित किया है। पिछले छह महीने से कई देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। कोरोना के कारण जान का तो नुकसान हुआ ही, दुनिया की एक बड़ी आबादी ने अपना रोजगार भी खोया है। वहीं, लाखों लोगों के सामने खाने और जीने का भी संकट खड़ा हुआ है। इस वायरस के कारण लोगों की जीवनशैली बुरी तरह प्रभावित हुई है और इस वजह से लोग एक-एक फैसला सोच समझकर ले रहे हैं। अमेरिका में एक नए शोध अध्ययन में यह बात निकलकर सामने आई है कि इस साल वहां पांच लाख कम बच्चों का जन्म होगा। आइए जानते हैं, इसके पीछे की क्या वजहें हैं। 
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नवजात शिशु (फाइल फोटो) - फोटो : social media
  • वाशिंगटन के ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन द्वारा किए गए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि कोरोना महामारी के कारण इस साल अमेरिका में पांच लाख कम बच्चों का जन्म होगा। साल 2007 से 2009 के बीच की महामंदी और साल 1918 में फैली महामारी स्पेनिश फ्लू के दौरान अमेरिका में हुए प्रजनन दर के अध्ययन की समीक्षा करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है। 
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नवजात शिशु (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
  • पूर्व में हुए शोधों के डाटा और कोरोना महामारी के दौरान बढ़ी बेरोजगारी का आकलन करने के बाद शोधकर्ताओं का कहना है कि अमेरिका में कोविड-19 के कारण बच्चों के जन्म में तीन लाख से लेकर पांच लाख तक की कमी आएगी। 

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नवजात शिशु (फाइल फोटो)
  • ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट के अनुसार अमेरिका में महामंदी के दौरान जन्म की संख्या में नौ फीसदी की कमी आई थी जिससे चार लाख कम बच्चों का जन्म हुआ था। उन्होंने पाया कि 1918 के स्पेनिश फ्लू के दौरान भी जन्मदर में 12.5 फीसदी की कमी आई थी। 
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नवजात शिशु (फाइल फोटो) - फोटो : pexels.com
  • इधर, न्यूयॉर्क के मार्च ऑफ डाइम्स के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राहुल गुप्ता ने भी कहा है, "उनकी टीम भी इसी परिणाम पर पहुंची है कि अमेरिका में जन्म की संख्या बढ़ने की जगह कम होगी।"  राहुल गुप्ता ने कहा, "जब हमने गणित किया और 1918 की महामारी को देखा तो पाया कि नौ से 10 महीने बाद जन्मदर में 10 फीसदी की कमी देखी जाएगी। उन्होंने कहा कि जन्मदर में 10 से 15 फीसदी की कमी देश के लिए चिंता का सबब है।
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नवजात शिशु (फाइल फोटो) - फोटो : pixabay
ऑस्ट्रेलिया में नहीं पड़ा था असर
  • ऑस्ट्रेलिया में जन्मदर में ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ फैमिली स्टडीज की निदेशक ऐने होलोंड्स ने कहा, यहां की जन्मदर पहले से ही कम है और हो सकता है कि कोरोना के कारण जन्मदर में कोई बढ़ोतरी देखने को न मिले। साल 1918 के स्पेनिश फ्लू के दौरान भी ऑस्ट्रेलिया की जन्मदर में कोई बदलाव नहीं आया था। 
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गर्भवती महिला - फोटो : pixabay
महिलाओं के रोजगार से प्रजनन दर का संबंध
  • ऐने होलोंड्स ने कहा कि चूंकि महिलाओं के प्रजनन दर का संबंध उनके रोजगार से है और यूरोपीय देशों की तुलना में हमारे देश में महिलाओं की नौकरी जाने का खतरा कम है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया के जन्मदर में कोरोना का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। 
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