मशहूर गजल गायक भूपिंदर सिंह का सोमवार देर शाम को निधन हो गया। भारतीय संगीत की दुनिया के लिए यह एक बड़ी क्षति है। भूपिंदर सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, हालांकि सोमवार देर शाम उन्होंने आखिरी सांस ली। खनकती आवाज और गाने का अनोखा अंदाज भूपिंदर सिंह की अलग पहचान थी। उनके गाए कई गीत-गजल वर्षों तक जीवंत रहेंगे। होके मजबूर मुझे उसने बुलाया होगा, नाम गुम जाएगा, दिल ढूंढ़ता है फिर वही, जैसी गजलों को आवाज देने वाले भूपिंदर सिंह की एक खास फैन फॉलोइंग थी।
6 फरवरी, 1940 को अमृतसर में जन्मे भूपिंदर सिंह का जीवन कई तरह के उतार-चढ़ाव वाला था। भूपिंदर सिंह को शुरुआती दिनों में संगीत से नफरत हुआ करती थी, अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में परफॉर्म करके किया। यहां से वह देश को महान गजल गायक कैसे बने, आइए इस बारे में जानते हैं।