नौ अगस्त से शुरू हो रही रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की परीक्षा में इस बार पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) की सीधी नजर रहेगी। रेलमंत्री पीयूष गोयल भी परीक्षा प्रक्रिया की पूरी निगरानी करेंगे। इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कुछ केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां एक दो दिन में इसे लगा लिया जाएगा।
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इसके माध्यम से पीएमओ और रेलमंत्री कार्यालय से इस पूरी परीक्षा पर नजर रखी जाएगी। रेलवे की तैयारी है कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के पूर्व आरआरबी के माध्यम 1.30 लाख पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया बिना किसी विवाद के हर हाल में पूरी कर ली जाए। भर्ती परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो और पूरी पारदर्शिता बने रहे इसके लिए पीएमओ की इस परीक्षा पर पूरी नजर है।
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यह पहला मौका है कि जब रेलवे की किसी भर्ती प्रक्रिया पर पीएमओ की सीधी नजर है। इसके लिए देश के सभी बोर्ड की ओर से उन केंद्रों को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जो सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। जहां कैमरे नहीं हैं, वहां रेलवे बोर्ड की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने की व्यवस्था की गई है।
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आरआरबी इलाहाबाद के चेयरमैन एसएएम नकवी के अनुसार आरआरबी इलाहाबाद के जिम्मे यूपी और उत्तराखंड के 11 शहरों में परीक्षा कराने की जिम्मेदारी है। इन शहरों में बनाए गए सभी 44 केंद्रों में सीसीटीवी और मेटल डिटेक्टर रहेंगे।
आपको बता दें कि हाल ही में रेलवे ने सहायक लोको पायलट व टेक्नीशियन की भर्ती के लिए पदों की संख्या बढ़ाई हैं। अब 26,502 की जगह 60,000 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। 9 अगस्त से शुरू होने वाली ऑनलाइन भर्ती परीक्षा से एक सप्ताह पहले रेलवे ने आवेदकों को बड़ी खुशखबरी दी थी।