फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Job Growth: आपदा प्रबंधन में रोजगार के मौके, हेल्थ सेफ्टी और एन्वॉयरन्मेंट कोर्स करने वालों की मांग बढ़ी

Sat, 09 Aug 2025 01:35 PM IST
शाहीन परवीन जुगनू कुमार, कॅरिअर सलाहकार

सार

Job Growth: आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के साथ ही रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। हेल्थ सेफ्टी और एन्वॉयरन्मेंट से जुड़े कोर्स कर रहे पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
1 of 7
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
Disaster Management: हाल ही में, उत्तराखंड के धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ी या दुर्गम इलाकों में अक्सर ऐसी घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं। इसके अलावा, भारत के कई राज्य भी भीषण बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे वहां के आम जनमानस का जीवन काफी प्रभावित हुआ है। इन स्थितियों में बचाव कार्य की जिम्मेदारी आपदा प्रबंधन यानी डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग से जुड़े कर्मचारियों की होती है।
विज्ञापन

2 of 7
सांकेतिक तस्वीर (शैक्षणिक योग्यता) - फोटो : freepik
इस तरह की आपदाओं के कारण ही हेल्थ सेफ्टी एंड एन्वॉयरन्मेंट के क्षेत्र में युवाओं के लिए कॅरिअर के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में, अगर आपके अंदर जज्बा, जुनून और अपने काम के प्रति समर्पण की भावना है, तो आप हेल्थ सेफ्टी एंड एन्वॉयरन्मेंट से जुड़े डिप्लोमा से लेकर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स करके आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में शानदार कॅरिअर बना सकते हैं।
 
विज्ञापन

3 of 7
- फोटो : Amar Ujala Graphics

कोर्स की विविधता

इस क्षेत्र से जुड़ा कोई भी कोर्स करने के लिए आपका केमिस्ट्री के साथ फिजिक्स या गणित विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं या इसके समकक्ष स्तर की परीक्षा में उत्तीर्ण होना जरूरी है। ट्रेड डिप्लोमा इन हेल्थ सेफ्टी एंड एन्वॉयरन्मेंट कोर्स 18 महीने का होता है। आप फायर टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट का सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं। 

4 of 7
- फोटो : freepik
इसके अलावा, डिप्लोमा इन हेल्थ सेफ्टी एंड एन्वॉयरन्मेंट, डिप्लोमा इन फायर फाइटिंग, पीजी डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग, बीएससी इन फायर इंजीनियरिंग और रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग जैसे कोर्स के विकल्प भी मौजूद हैं, जिनकी अवधि छह महीने से तीन साल तक होती है। इनमें प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम होता है।
विज्ञापन

5 of 7
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

डिग्री के साथ कौशल भी हैं जरूरी

इस क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए डिग्री के साथ-साथ धैर्य और साहस, नेतृत्व क्षमता तथा चुनौतीपूर्ण क्षणों में फैसले लेने की क्षमता का होना जरूरी है। इसके अलावा, शारीरिक योग्यता के तहत पुरुषों की न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर, वजन 50 किलोग्राम, जबकि महिलाओं की लंबाई 157 सेंटीमीटर और वजन कम से कम 46 किलोग्राम होना जरूरी है। आई विजन दोनों के लिए 6/6 होनी चाहिए और उम्र 19 से 23 साल के बीच हो।
विज्ञापन

6 of 7
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

यहां मिलेंगे अवसर

आज हर सरकारी और गैर-सरकारी दफ्तरों में एक फायर इंजीनियर की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। अग्निशमन विभाग के अलावा आर्किटेक्चर और बिल्डिंग निर्माण, इंश्योरेंस असेसमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, रिफाइनरी, गैस फैक्ट्री, निर्माण उद्योग, प्लास्टिक, एलपीजी तथा केमिकल प्लांट्स, बहुमंजिली इमारतों व एयरपोर्ट जैसी जगहों पर फायर इंजीनियर्स की खासी मांग है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

प्रमुख संस्थान

दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग, www.dife.in
इग्नू मैदान गढ़ी, नई दिल्ली, www.ignou.ac.in
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फायर, डिजास्टर एंड एन्वॉयरन्मेंट मैनेजेंट, नागपुर, www.nifdem.com
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें