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Career Growth: नए संगठन में भूमिका बरकरार रहेगी या नहीं? अनुभवों से सीखना ही सच्चे पेशेवर की निशानी है

Tue, 11 Nov 2025 11:43 AM IST
शाहीन परवीन मार्लेट जैक्सन, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Professional Development: करिअर में बदलाव हर पेशेवर के जीवन का हिस्सा होता है। नए संगठन में भूमिका बनी रहेगी या नहीं, यह आपके प्रदर्शन, अनुभव और अनुकूलन क्षमता पर निर्भर करता है। एक सच्चा प्रोफेशनल वही है जो हर चुनौती से सीखकर आगे बढ़ता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
New Organization: बदलाव के दौर में कार्यस्थल पर सबसे बड़ी चुनौती अनिश्चितता होती है, और यही पेशेवरों के मन में कई चिंताएं पैदा करती है। उनको लगता है कि कहीं उनका कॅरिअर रुक न जाए या वे नई स्थिति में खुद को साबित कर पाएंगे या नहीं। स्वाभाविक है कि ऐसे समय में यह सवाल उठते हैं कि क्या नए संगठन में मेरी भूमिका बनी रहेगी? क्या मेरे कौशल पर्याप्त हैं? ऐसी आशंकाएं मनोबल कम कर सकती हैं और कामकाज पर भी असर डाल सकती हैं। 

इन चिंताओं से बाहर आने और खुद को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ सरल और व्यावहारिक उपाय अपनाना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है, जो न सिर्फ मन को शांत रखते हैं, बल्कि आपको भविष्य के अवसरों के लिए तैयार भी करते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

भविष्य के लिए तैयारी करें

पेशेवरों को बदलाव का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, ताकि वे नए अवसर पहचानकर अपने कॅरिअर में आगे बढ़ सकें। वे यह सीख सकते हैं कि प्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारी अनिश्चित स्थितियों को कैसे संभालते हैं, जिससे मजबूत नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। बदलाव के समय पदोन्नति के मौके कम हो सकते हैं, इसलिए कर्मचारियों के लिए जरूरी है कि वे अपनी वर्तमान भूमिका में सीखते रहें और नए कौशल विकसित करें, ताकि भविष्य की भूमिकाओं में आसानी से फिट हो सकें। जरूरत पड़ने पर कोचिंग लेना भी मददगार होता है, क्योंकि इससे संचार कौशल, नेतृत्व शैली और टीम के साथ काम करने की क्षमता मजबूत होती है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
अनुभवों को रोज के कामों से जोड़ें पेशेवरों को विकास कार्यक्रमों के दौरान बदलती प्राथमिकताओं और रोजमर्रा के काम के दबावों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। इस स्थिति में खुद को ढालने के लिए सबसे पहले अपनी प्राथमिकताएं तय करना जरूरी है।

दिनचर्या में लचीलापन होना अच्छा है, लेकिन बिना स्पष्ट प्राथमिकताओं के यह बेअसर हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि विकास कार्यक्रमों से मिलने वाले अनुभवों को अपने रोज के काम की गति के साथ जोड़कर चलें। साथ ही, बदलते कॅरिअर में आगे बढ़ने के लिए सीमित समय में भी व्यावहारिक और उपयोगी सीख लेते रहें। आपको इन विकास पहलों को व्यवसाय और अपने कॅरिअर, दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानकर आगे बढ़ना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालें

परिवर्तन के समय पदोन्नति पर जोर देना आम तौर पर सही रणनीति नहीं होती, क्योंकि उस दौरान कंपनी कई बदलावों से गुजर रही होती है और निर्णय प्रक्रियाएं अस्थायी रूप से धीमी पड़ जाती हैं। ऐसे समय में बेहतर है कि आप अपने कौशल सुधारने, अपनी भूमिका में अच्छा प्रदर्शन करने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने पर ध्यान दें। जब संगठन स्थिर हो जाता है और स्थितियां स्पष्ट होती हैं, तो प्रतिभाशाली और तैयार लोग स्वाभाविक रूप से बेहतर अवसर पाते हैं और अक्सर अपने साथियों से भी आगे निकल जाते हैं।
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