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बॉडी बिल्डर जिला कलेक्टर देखा क्या? सिक्स पैक एब्स देख छूट जाएंगे पसीने

Mon, 30 Nov 2020 06:23 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
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कलेक्टर विनीत नंदनवार - फोटो : सोशल मीडिया

अगर किसी जिला कलेक्टर की बात होती है तो जेहन में उनकी तस्वीर एक सीधे-सादे शख्स के रूप में खिंच जाती है। लेकिन क्या आपने कभी बॉडी बिल्डर जिला कलेक्टर देखा है? अगर नहीं तो आपको एक बार छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके सुकमा के जिला कलेक्टर विनीत नंदनवार से रूबरू होने की जरूरत है। दरअसल, कलेक्टर विनीत नंदनवार फिटनेस के प्रति काफी जागरूक रहते हैं। यहां तक कि उनके सिक्स पैक एब्स देखकर तो अच्छे-खासे बॉडी बिल्डर्स के पसीने छूटने तय हैं। बता दें कि विनीत की तस्वीरें आजकल सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।

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सोशल मीडिया पर मची धूम

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कलेक्टर विनीत नंदनवार - फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले सुकमा के कलेक्टर विनीत नंदनवार की सिक्स पैक एब्स वाली तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई हैं। इन तस्वीरों में विनीत नंदनवार बिना शर्ट पहने नजर आए और उनके सिक्स पैक एब्स ने सबका ध्यान खींचा। बता दें कि विनीत जगदलपुर के मूल निवासी हैं और उनकी पढ़ाई-लिखाई सरकारी स्कूल में हुई। सुकमा जिले का कलेक्टर बनने से पहले वह रायपुर में अडिशनल कलेक्टर थे। करीब एक महीने पहले उन्होंने सुकमा के कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली।
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इस तरह बने बॉडी बिल्डर

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कलेक्टर विनीत नंदनवार - फोटो : social media

आईएएस विनीत बताते हैं कि स्वास्थ्य और जीवनशैली को लेकर वह शुरुआत से ही काफी गंभीर रहे हैं। सरकारी कामकाज के दौरान वह अपने बचे हुए समय का इस्तेमाल फिटनेस के लिए करते हैं। वह कहते हैं कि इंसान हर वक्त व्यस्त रहता है, लेकिन वह अपने लिए कम से कम एक घंटा तो निकाल ही सकता है।

कोरोना को भी दी मात 

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कलेक्टर विनीत नंदनवार - फोटो : social media

बता दें कि आईएएस विनीत नंदनवार अगस्त 2020 के दौरान कोरोना संक्रमित हो गए थे। उस दौरान रायपुर एम्स में उनका इलाज चला। ठीक होने के बाद वह दोबारा फिटनेस पर ध्यान देने लगे। विनीत 'यह वक्त भी गुजर जाएगा' को अपना सूत्र वाक्य बताते हैं। वह कहते हैं कि आशा और निराशा जीवन में आती-जाती रहती है। बुरा वक्त हमेशा मजबूत बनाता है। इससे परेशान नहीं होना चाहिए। विनीत 2013 बैच के आईएएस हैं। उन्होंने कहा कि युवा उन्हें देखकर फिट रहने की कोशिश जरूर करें, लेकिन कोई भी स्टेराइड न लें। एक मिनट के स्वाद के लिए स्वास्थ्य से समझौता न करें।

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इस तरह मिली कलेक्टर बनने की प्रेरणा

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कलेक्टर विनीत नंदनवार - फोटो : social media
विनीत के मुताबिक, वह अपने चाचा ओमप्रकाश नंदनवार की प्रेरणा के चलते आईएएस बने। दरअसल, उनके चाचा बचपन से ही कहते थे कि तुम्हें कलेक्टर ही बनना है। आईएएस एग्जाम पास करने से पहले विनीत बालको में काम करते थे। 2004 के दौरान उन्होंने शिक्षाकर्मी का इंटरव्यू भी दिया, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा की तैयारी की। उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई और चौथे प्रयास में वह 227वीं रैंक लाने में सफल रहे।
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मां को बताया रोल मॉडल

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कलेक्टर विनीत नंदनवार - फोटो : self
आईएएस विनीत ने अपनी मां विमला नंदनवार को अपना रोल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि मेरे संघर्ष और धैर्य में मेरी मां की सीख हमेशा काम आई। मैं आज जो कुछ भी हूं, उनकी वजह से हूं।
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