कलेक्टर विनीत नंदनवार
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विनीत के मुताबिक, वह अपने चाचा ओमप्रकाश नंदनवार की प्रेरणा के चलते आईएएस बने। दरअसल, उनके चाचा बचपन से ही कहते थे कि तुम्हें कलेक्टर ही बनना है। आईएएस एग्जाम पास करने से पहले विनीत बालको में काम करते थे। 2004 के दौरान उन्होंने शिक्षाकर्मी का इंटरव्यू भी दिया, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर सिविल सेवा की तैयारी की। उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई और चौथे प्रयास में वह 227वीं रैंक लाने में सफल रहे।