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जम्मू व कश्मीर यूनिवर्सिटी में ही रिसर्च पर काम, अन्य सभी का प्रदर्शन खराब

Fri, 12 Feb 2021 12:53 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू विश्वविद्यालय - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों में रिसर्च वर्क का बुरा हाल है। जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय को छोड़ दें तो बाकी विश्वविद्यालयों में रिसर्च न के बराबर हो रही है। यह बात नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क एनआईआरएफ की ओर से 2020 में जारी की गई ओवरऑल रैंकिंग में भी साबित हुई है।
 
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Jammu Central University - फोटो : सोशल मीडिया
एनआईआरएफ की रैंकिंग हासिल करने के लिए प्रदेश के 13 उच्च शिक्षण स्थानों ने आवेदन किया था। जिसमें से सिर्फ दो को टॉप 100 यूनिवर्सिटी की सूची में स्थान मिला। एनआईआरएफ ने इस साल रिसर्च इंस्टीट्यूशन कैटेगिरी शुरू की है।
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कश्मीर विश्वविद्यालय - फोटो : Amar Ujala
इस कैटेगिरी में आवेदन करने के लिए यूनिवर्सिटी के पास तीन वर्षों में 500 रिसर्च पेपर का प्रकाशन और एक हजार रिसर्च स्कॉलर होने चाहिए। हालांकि, प्रदेश में कम ही ऐसे संस्थान हैं, जो इस मानदंड को पूरा कर सकते हैं। प्रदेश की यूनिवर्सिटी में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए न तो उच्च शिक्षा विभाग और न सरकार प्रयास कर रही है।
 

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iim jammu
2020 में एनआईआरएफ की ओर से जारी ओवरऑल रैंकिग में कश्मीर यूनिविर्सटी 78वें जबकि जम्मू यूनिवर्सिटी 90वें रैंक पर थी। हालांकि, कश्मीर यूनिवर्सिटी का जम्मू यूनिवर्सिटी की तुलना में रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में अच्छा प्रदर्शन है।
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JOB IIT Jammu
वहीं श्री माता वैष्णो देवी और बाबा गुलाम शाह यूनिवर्सिटी में रिसर्च वर्क होता है, लेकिन वह इस पात्रता से काफी दूर हैं। प्रदेेश में 11 विश्वविद्यालय और एक आईआईटी व आईआईएम भी है।



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