इन दिनों पुंछ जिले की सूरनकोट एवं मंडी तहसीलों में चल रही जोरदार शीत लहर का प्रकोप हर तरफ देखने को मिल रहा है। इससे लगातार तापमान में आ रही भारी गिरावट से इन तहसीलों के ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में जलाशय एवं छोटे झरने पूरी तरह जमने लगे हैं। जम चुके झरने सैलानियों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं।
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- फोटो : Amar Ujala
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार जहां दिसंबर समाप्त होने को आया वहीं क्षेत्र में न तो बारिश हुइ है और न ही बर्फ गिरी है। जलाशयों के जमने से क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
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- फोटो : Amar Ujala
सूरनकोट तहसील के मुगलरोड किनारे स्थित गांव डोगरेयां और पोशाना निवासी मासूफ अहमद, जमाल दीन और नजमा कोसर का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से हमारे क्षेत्र में सर्दी ने सारी हदें ही पार कर दी हैं।
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- फोटो : Amar Ujala
घरों के आसपास के जलाशय तो पूरी तरह से जम चुके हैं उनके साथ ही पहाड़ों से कम ऊंचाई से गिरने वाले पानी जिन्हें लोग छोटे झरने मानते हैं वह इस प्रकार जम चुके हैं कि दूर से देखने पर ऐसा लगता है कि किसी ने पानी को मोटी कांच की परत के अंदर छुपा दिया हो।
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- फोटो : Amar Ujala
इन लोगों का कहना है कि अगर समय पर बारिश और बर्फबारी हो जाती तो लोगों को जहां सर्दी से होने वाले रोगों से छुटकारा मिल जाता।
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- फोटो : Amar Ujala
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी दिक्कत जलाशयों के जमने से पानी की किल्लत है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पीर पांजाल क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ जाने से हर तरह छोटे छोटे जलाशय अथवा खुले में रखे पानी के बर्तनों में भारी मात्रा में पाला गिरने से वह फ्रिज में रखे पानी की तरह जमने लगा है।