बीफ को लेकर शुरू हुए बवाल से राजोरी शहर फिर धधक उठा। हिंसा और आगजनी की वारदातों के बाद देर शाम कर्फ्यू लगा दिया गया। हालात काबू में करने के लिए सेना तैनात की गई है। अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया है। रात में सेना ने फ्लैग मार्च भी किया।
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- फोटो : Amar Ujala
भीड़ तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। हिंसक झड़पों में दो दर्जन से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है। डीजीपी के राजेंद्रा ने कर्फ्यू लगाने की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी हालात पर नजर रखे हैं।
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सूत्रों के अनुसार विवाद कुर्बानी को लेकर शुरू हुआ। बर्मा से आए कुछ लोगों ने कुर्बानी दी। वे मांस लेकर पलमा गांव से राजोरी की ओर आ रहे थे। रास्ते में दूसरे समुदाय के लोगों ने उन्हें रोका और आरोप लगाया कि वे गोवंशीय बीफ लेकर जा रहे हैं। कुर्बानी देने वालों का कहना था कि उन्होंने ऊंट की कुर्बानी दी है। इसी बात पर दोनों गुटों में मारपीट शुरू हो गई।
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देखते ही देखते यह मामला पूरे शहर में फैल गया। दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। सैकड़ों की तादाद में पत्थरों और लाठियों के साथ सड़क पर उतरे गुस्साए युवाओं की भीड़ ने कई वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ की। पुलिस, सेना और प्रशासन के आला अफसरों की टीम पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया।
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उपद्रवियों ने राजोरी के सिटी चौक स्थित कपड़े के एक शो रूम को आग लगा दी। कई अन्य दुकानों में भी आग लगाई। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस चलानी पड़ी।
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डीआईजी जॉनी विलियम्स, एसएसपी राजेश्वर सिंह और जिला मजिस्ट्रेट मुमताज चौधरी ने समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों से बातचीत कर माहौल शांत करने की कोशिश की। लेकिन, सिटी चौक के आसपास वाले इलाके में जबरदस्त पथराव होने लगा।
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पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ आर्मी स्टेशन कमांडर जब हालात का जायजा लेने के साथ ही अपील करने पहुंचे तो उपद्रवियों ने उन पर भी हमला बोल दिया।
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बीफ को लेकर दो समुदायों के बीच की गफलत ने देखते ही देखते हालात बेकाबू कर दिए। राजोरी में सामुदायिक तनाव फिर हावी हो गया। हालात को मुट्ठी से रेत की तरह फिसलते देख पुलिस और सिविल प्रशासन के आला अफसरों के हाथ-पांव फूलने लगे। आनन-फानन में प्रशासनिक टीमों ने गुस्साए समुदाय के लोगों के वरिष्ठ सदस्यों से राब्ता कर हालात काबू में करने के प्रयास किए।
एक तरफ सुलह की कोशिशें होती रहीं तो दूसरी तरफ उपद्रवियों ने हिंसा तेज कर दी। राजोरी कसबे सहित आसपास के इलाकों में बुधवार की घटना पर प्रतिक्रियाएं होने लगीं। एहतियात के तौर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। एक दिन पूर्व ही राजोरी में ईद का उत्साह था। ताजा घटना से माहौल पूरी तरह से बदल गया।