कटड़ा मार्ग पर दो मिनी बसों की आपस में हुई भिड़ंत के बाद राजाजी पुरम ब्लॉक-सी लखनऊ से आए हुए श्रद्धालुओं के चेहरों पर दुर्घटना का डर और खौफ साफ दिख रहा था, लेकिन इसके बावजूद भी उनके हाथ बार-बार माता रानी के त्रिकुटा पर्वत की तरफ उठ रहे थे। मौके पर मची चीख पुकार के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई।