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पुलवामा: 61000 किलोमीटर की यात्रा कर, 40 जवानों के घरों की मिट्टी को लगाया माथे पर

Fri, 14 Feb 2020 11:24 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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उमेश गोपीनाथ जाधव - फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर में सीआरपीएफ के लेथपोरा कैंप स्थित स्मारक पर पिछले साल पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले चालीस जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। महाराष्ट्र के उमेश गोपीनाथ जाधव पुष्पांजलि समारोह के विशिष्ट अतिथि हैं। हमले में शहीद होने वाले चालीस जवानों के परिवारों से मिलने के लिए उन्होंने 61000 किलोमीटर लंबी यात्रा की। साथ ही उन्होंने सभी शहीद जवानों के घरों, श्मशान घाटों और बनाए गए स्मारकों के पास से मिट्टी को एकत्र किया और यहां लेकर आए।

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जवानों की याद में बना स्मारक स्थल - फोटो : अमर उजाला
उमेश गोपीनाथ जाधव ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने पुलवामा शहीदों के सभी परिवारों से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। माता-पिता ने अपने बेटे को खो दिया, पत्नियों ने अपने पति को खो दिया, बच्चों ने अपने पिता को खो दिया, दोस्तों ने अपने दोस्त को खो दिया। मैंने उनके घरों और उनके श्मशान घाटों से मिट्टी इकट्ठा किया है और यह पूजनीय है।


 
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जवानों की याद में बना स्मारक स्थल - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा में आतंकी हमले की पहली बरसी पर शहादत देने वाले 40 सीआरपीएफ जवानों की याद में स्मारक स्थल का लेथपोरा शिविर में उद्घाटन किया गया। स्मारक उस जगह से सटे सीआरपीएफ  कैंप के अंदर स्थापित किया गया है, जहां जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अदील अहमद डार ने विस्फोटक से भरी कार सुरक्षाबलों के काफिले से टकराकर खुद को उड़ा लिया था।  
 

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जवानों की याद में बना स्मारक स्थल - फोटो : अमर उजाला
सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा करने के बाद कहा कि यह बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक तरीका है। स्मारक पर उन सभी 40 जवानों की तस्वीरों के साथ उनके नाम और सीआरपीएफ का ध्येय वाक्य ‘सेवा और निष्ठा’ भी अंकित होगा।
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जवानों की याद में बना स्मारक स्थल - फोटो : अमर उजाला
एडीजी ने कहा कि निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और हमने इससे काफी सबक लिए हैं। हम पहले भी मूवमेंट के दौरान सतर्क रहते थे परंतु अब और सतर्कता बरत रहे हैं। इन 40 जवानों के बलिदान ने देश के दुश्मनों को खत्म करने के हमारे संकल्प को और मजबूत किया है। अब हम आतंकियों के खिलाफ हम अतिरिक्त उत्साह के साथ कार्रवाई करते हैं। यही कारण है कि हमने हादसे के बाद जैश के बड़े कमांडरों को मार गिराया है।
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