नव वर्ष के स्वागत के लिए गुलमर्ग में वीरवार को पर्यटकों का मेला लगा रहा। वहीं, कटड़ा में मां वैष्णो के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। वर्ष के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की संख्या 15 हजार बताई जा रही है।
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गुलमर्ग में नए साल का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर घाटी के ताज गुलमर्ग में नए साल के आगमन पर पर्यटकों से लबरेज रही। पर्यटकों ने वर्ष 2020 को अलविदा कर 2021 की इस्तकबाल किया। रात 12 बजे ‘हैप्पी न्यू इयर’ की गूंज से गूंज उठी घाटी। श्रीनगर से करीब 55 किलोमीटर दूर गुलमर्ग की बर्फ से ढकी पहाड़ियां नववर्ष मौके पर देश के कोने-कोने से आए पर्यटकों का स्वागत करती दिखीं।
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गुलमर्ग में नए साल का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग पर्यटकों का खिले चेहरे से स्वागत करते दिखाई दिए। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 2500-3000 स्थानीय और देश के अन्य कोनों से आए पर्यटक वीरवार को नया साल मनाने पहुंचे हैं। पर्यटकों के लिए नए साल के मौके पर स्कीइंग, स्नो शू रेस, साइकिल रेस, स्लेज रेस, स्नो ट्यूब रेस के साथ-साथ रंगारंग कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं, जिसका पर्यटकों ने लुत्फ उठाया।
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गुलमर्ग में नए साल का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
नए साल के स्वागत का मुख्य कार्यक्रम गुलमर्ग गोल्फ कोर्स में हुआ। कार्यक्रम में मंडलायुक्त कश्मीर पीके पोले के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र मशाल लेकर स्कीर्प का स्लोपेस से नीचे उतरना रहा।
बिजनौर के राजीव राणा ने कहा कि वह नए साल का जश्न विशेष तौर पर मनाने के लिए गुलमर्ग पहुंचे हैं। यहां के दृश्य मन को लुभाने वाले हैं। उन्होने कहा कि दुआ करते हैं कि नए साल में कोरोना महामारी से छुटकारा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान कोरोना महामारी के मद्देनजर विशेष सावधानियां बरती गईं। गुलमर्ग की ओर जाने वाले सभी पर्यटकों का पहले रैपिड कोरोना टेस्ट कराया गया, ताकि संक्रमण की संभावना को रोका जा सके।