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टॉप 10 आतंकियों की लिस्ट में अब बचें मात्र 7 आतंकी, कई पर है 12 लाख तक का इनाम

Wed, 29 Aug 2018 12:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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टॉप 10 आतंकी में से दूसरें को सेना ने मार गिराया
साल 2018 में भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ ने बीते आठ महीनों में 110 आतंकी ढेर कर दिए हैं। मोस्ट वांटेड आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। आलम यह है कि हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन में कोई कमांडर बनने को तैयार नहीं। बुधवार सबह सुरक्षाबलों ने मोस्टवांटेड आतंकियों में से एक हिजबुल डिवीजनल कमांडर अल्ताफ कचरू को मार गिराया। अल्ताफ अहमद डार उर्फ कचरू कुलगाम में हिजबुल का डिस्ट्रिक्ट कमांडर था और कुलगाम का ही रहने वाला था। मारा गया आतंकी हिजबुल कमांडर बुरहान वानी का करीबी बताया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने बताया कि मारे गए दोनों आतंकियों के शवों के साथ दो हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ खत्म हो गया है। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। इस ऑपरेशन में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवान जुटे थे। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने अनंतनाग जिले में इंटरनेट सर्विस फिलहाल स्थगित कर दी है। 

टॉप आतंकियों को मार गिराने का सिलसिला नए साल में भी जारी रहेगा। इसके लिए सुरक्षा बलों ने स्थानीय पुलिस की मदद से तकरीबन एक दर्जन खूंखार आतंकियों की लिस्ट तैयार की है।

गजवत उल हिंद चीफ जाकिर मूसा, लश्कर-ए-तैयबा कमांडर जीनत उल इस्लाम, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर रियाज नैकू, तौसीफ शेख, लश्कर का शौकत टाक, मोहम्मद अब्बास शेख, हिलाल अहमद जैसे आतंकी सुरक्षाबलों की टाप लिस्ट में शामिल हैं। हिजबुल के समीर टाइगर और हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सद्दाम पाडर को सुरक्षाबलों ने इसी साल मार गिराया था जोकि टॉप 10 की लिस्ट में शामिल थे।

साल 2019 तक इनका सफाया करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की तिकड़ी मिलकर इनका सफाया करने के लिए तैयार है। जब किसी आतंकी को A++ कैटिगरी में रखा जाता है और उस पर 12 लाख रुपये का इनाम रखा जाता है तो यह माना जाता है कि उसके पास अब ज्यादा दिन की जिंदगी नहीं है।
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जाकिर राशिद भट्ट उर्फ मूसा
जाकिर राशिद भट्ट उर्फ मूसा गजवत उल हिंद का चीफ है। 27 साल का मूसा ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है। बी टेक की पढ़ाई की है। जुलाई 2013 से सक्रिय है। अवंतीपोरा इलाके में इसकी मौजूदगी है। 

 
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जीनत उल इस्लाम 
जीनत उल इस्लाम लश्कर का कमांडर है। अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद इसे कमान दी गई है। ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है। आईईडी विस्फोट विशेषज्ञ है। 

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सद्दाम पाडर
सद्दाम पाडर हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर है। 2015 में हिजबुल में शामिल हुआ। बुुरहान वानी के मारे जाने के बाद जब मूसा को कमान मिली और मूसा ने हिजबुल की कमान छोड़ी तो सद्दाम को कमान मिली। जिसे सेना ने इसी साल मार गिराया था।
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तौसीफ अहमद शेख 
तौसीफ अहमद शेख हिजबुल मुजाहिदीन का ए प्लस श्रेणी की आतंकी है। कुलगाम जिले के रामपुरा का रहने वाला है। 
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शौकत टाक
शौकत टाक लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। 26 साल की आयु है और हायर सेकेंडरी तक पढ़ा है। अक्तूबर 2011 से सक्रिय है। अवंतीपोरा के पंजगाम का रहने वाला है। 
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रियाज नैकू
रियाज नैकू हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर है। 30 वर्षीय नैकू ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है, जिसने बीएससी की हुई है। दक्षिण कश्मीर में नैकू सक्रिय है। जून 2012 से सक्रिय है।

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मोहम्मद अब्बास शेख 
मोहम्मद अब्बास शेख उर्फ मौलवी कुलगाम के रामपुरा का रहने वाला है। हिजबुल मुजाहिदीन का ए प्लस श्रेणी का आतंकी है। 
 
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हिलाल अहमद
हिलाल अहमद मंछवा का रहने वाला है। हिजबुल मुजाहिदीन में ए प्लस श्रेणी का आतंकी है। 

 
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