कश्मीर को भारत का स्वर्ग कहा जाता है। बर्फ से लकदक पहाड़, सुंदर नजारों और खूबसूरत वादियों वाला यह क्षेत्र किसी सपनों की दुनिया से कम नहीं है, लेकिन आजादी के बाद से ही इस क्षेत्र को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तना-तनी की वजह से इसे नजर सी लग गई। वर्ष 2019 जम्मू-कश्मीर के लिए कई मायनों में बहुत ही खास रहा। कुछ बड़े फैसलों के साथ ही कई घटनाओं ने यहां की तस्वीर बदल कर रख दी। आज हम आपको इन्हीं बड़ी घटनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं।
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पुलवामा हमला
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
पुलवामा हमला
14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा से गुजर रहे सैनिक काफिले को निशाना बनाया गया। इस हमले में भारतीय सेना के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में डेरा डाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तना-तनी और भी ज्यादा बढ़ गई और 15 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान से सभी व्यापारिक रिश्ते खत्म कर दिए थे। वहीं भारतीय सेना ने 19 फरवरी को पुलवामा हमले के मास्टमाइंड को एक मुठेभड़ में मार गिराया था।
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बालाकोट एयरस्ट्राइक (फाइल फोटो)
- फोटो : twitter
बालाकोट एयर स्ट्राइक
भारतीय सैन्य काफिले पर हुए हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत में स्थित बालाकोट में आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक कर 300 आतंकियों को मार गिराया था। यह भारत के बदले के साथ ही पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के खिलाफ एक कूटीतिक जीत भी थी।
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Wing Commander Abhinandan Varthaman MIG-21
- फोटो : Social Media
जाबांज अभिनंदन
खैबर पख्तूनवा प्रांत के हालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने एक बार फिर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश की। इस बार पाकिस्तान के निशाने पर भारतीय मिलिट्री बेस और उनमें मौजूद सैनिक थे। इसके लिए पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान के कुछ स्पेशल फाईटर जेट एफ-16 भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए भारतीय सीमा में घुस आए। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी लड़ाकू जहाजों को खदेड़ दिया। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना के जाबांज विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान अपने मिग-21 लड़ाकू जहाज से पाकिस्तानी लड़ाकू जहाज को खदेड़ते हुए पाकिस्तानी सीमा में घुस गए। दुर्भाग्यवश पाकिस्तानी फाइटर जेट एफ-16 को मार गिराने के बाद अभिनंदन का मिग-21 दुर्घटना ग्रस्त होकर पाकिस्तान में जा गिरा और उन्हें पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया।
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लेह में सिंधु नदी पर 40 दिन में ही सेना ने बनाया सबसे बड़ा पुल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
इस खतरनाक समय में भी अभिनंदन ने बिना धैर्य खोए बहादुरी और साहस के साथ पाकिस्तानी सेना का सामना किया और उन्हें अपने नाम और वायुसेना में अपनी रैंक के अलावा और कोई जानकारी नहीं दी। दो दिनों तक पाकिस्तान की हिरासत में रहने के बाद भारत द्वारा बढ़ते दवाब के कारण पाकिस्तान ने अभिनंदन को 1 मार्च को वाघा बॉर्डर पर रिहा कर दिया था।
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कश्मीर को पहली बार मिला हाइ स्पीड ब्रॉडबैंड
कश्मीर में पहली बार 2 मई को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा शुरू हुई। इसके तहत पुलवामा बीएसएनएल की भारत फाइबर पाने वाला पहला क्षेत्र बना था।
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कठुआ कांड के मुजरिम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कठुआ के दोषियों को मिली सजा
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के दिल दहला देने वाले मामले में 11 जून को अपने एतिहासिक फैसले में सभी आरोपियों को सजा सुनाई। इनमें मुख्य आरोपी मंदिर के पुजारी सहित तीन अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा तीन अन्य लोगों को पांच साल की सजा सुनाई गई।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसले में जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटा दिया। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया। केंद्र सरकार ने लद्दाख और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया।
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जम्मू रेलवे स्टेशन पर फ्री वाई-फाई चलाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के साथ ही सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी। इसका कारण आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाना बताया गया। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने मुताबिक आतंकवादी इंटरनेट का उपयोग घाटी का माहौल खराब करने के लिए कर सकते हैं।
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Omar, Farooq Abdullah, Mehbooba Mufti (File)
जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई बड़े नेताओं को केंद्र सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर नजरबंद कर दिया। घाटी से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से ही कई बड़े नेता हिरासत में हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के सांसद फारूक अब्दुल्ला को जनसुरक्षा अधिनियम के तहत उनके आवास में ही नजरबंद रखा गया है।
सरकार ने घाटी में इंटरनेट सेवा की बहाली के संकेत दिए है। जम्मू-कश्मीर के कारगिल सेक्टर में 27 दिसंबर को इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। इसी के साथ ही कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र साशित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जल्द ही इंटरनेट सेवा की बहाली की जा सकती है।