फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान: 30 हजार में सौदा कर भेजा आतंकी, पकड़े जाने पर बोला- निशाने पर थे भारतीय सेना के जवान

Wed, 24 Aug 2022 08:10 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, राजोरी।
विज्ञापन
1 of 5
बड़ी तबाही मचाना चाहते थे आतंकी - फोटो : भारतीय सेना
नौशेरा सेक्टर में पकड़ा गया फिदायीन आतंकी एलओसी पर सेना की अग्रिम चौकियों पर बड़े हमले के लिए आया था। पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी में कर्नल रैंक के अधिकारी यूसुफ चौधरी ने आतंकियों का ग्रुप हमले के लिए भेजा था। मौके पर उसके साथ दो और आतंकी थे। पकड़े गए फिदायीन तबारक हुसैन को हमले के लिए 30 हजार रुपये दिए गए थे, लेकिन तारबंदी काटने के दौरान तबारक को सतर्क जवानों ने फायरिंग कर घायल कर दिया। बाकी आतंकी मौके से भाग निकले। राजोरी के सैन्य अस्पताल में उपचाराधीन तबारक हुसैन ने पूछताछ में पूरी साजिश के राज उगले। बुधवार को पत्रकारों के सवालों पर भी तबारक हुसैन ने बड़े हमले की साजिश को कबूला।

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार नौशेरा के झंगड़ क्षेत्र में 21 अगस्त तड़के तीन आतंकियों के ग्रुप की हलचल देखी गई। दो आतंकी पीछे रहे, जबकि तबारक हुसैन तारबंदी के पास आकर तार काटने लगा। जवानों ने उसे चुनौती दी तो वो भागने लगा। इस दौरान फायरिंग में तबारक घायल होकर वहीं गिर गया। अन्य आतंकी भाग निकले।
विज्ञापन

2 of 5
बड़ी तबाही मचाना चाहते थे आतंकी - फोटो : भारतीय सेना
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में गांव सब्जकोट और जिला कोटली के रहने वाले तबारक हुसैन ने बताया कि कर्नल यूसुफ से 30 हजार रुपये मिले थे। हमले के लिए भारतीय सेना की तीन चौकियों की रेकी की गई थी। सही समय मिलने पर हमला किया जाना था।
विज्ञापन

3 of 5
बड़ी तबाही मचाना चाहते थे आतंकी - फोटो : भारतीय सेना
तबारक के साथ मौके पर हालांकि दो और आतंकी थे, लेकिन तबारक ने कहा कि कुल पांच आतंकियों का ग्रुप था, जिन्हें हमले को अंजाम देना था। गौरतलब है कि तबारक को उसके भाई हारून अली के साथ 2016 में भी पकड़ा गया था, जिसे कुछ वर्ष जेल में रखने के बाद पाकिस्तान को लौटा दिया गया था।

4 of 5
बड़ी तबाही मचाना चाहते थे आतंकी - फोटो : भारतीय सेना
 
जवान ने खून देकर तबारक की बचाई जान
चार गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल तबारक ने कहा कि वह भारतीय सेना पर हमले के लिए आया था। वही सेना आज उसका इलाज कर रही है। तबारक ने कहा - मुझे इस बात पर शर्म आ रही है। वहीं, सैन्य अधिकारी ने बताया कि तबारक के शरीर से चार गोलियां निकाली गई हैं। उसका काफी खून बह गया था, जिसे बचाने के लिए सेना के जवान ने अपना खून दिया है। गंभीर रूप से जख्मी तबारक की सर्जरी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बड़ी तबाही मचाना चाहते थे आतंकी - फोटो : भारतीय सेना
तबारक के छह भाई, परिवार में 15 लोग
तबारह ने बताया कि उसके छह भाई है। परिवार में कुल 15 लोग हैं। तारबंदी के पास जब वह फायरिंग से घायल हुआ तो साथी आतंकी उसे छोड़कर भाग गए। फायरिंग में घायल होने पर तबारक बिलख कर चिल्ला रहा था - मैं यहां मरने आया था, मुझे यहां से निकालो भाई जान।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें