सांबा में तलाशी अभियान के दौरान जवान
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हैंड टू हैंड डिलीवरी नहीं
आतंकी संगठनों ने ड्रोन से हथियार फेंकने की ही रणनीति नहीं बदली है, बल्कि इन्हें आतंकियों तक पहुंचाने की रणनीति भी बदलाव किया गया है। दरअसल, हथियार फेंकने के बाद इसकी जानकारी रिसीवर तक पहुंचाई जाती है। रिसीवर को बस इतना ही बताया जाता है कि उसे हथियार कहां से उठाने हैं और कहां पर रखने हैं, ताकि उसके बारे किसी को पता न चले। यहीं नहीं, रिसीवर के तौर पर भी ऐसे लोग लिए जा रहे हैं, जिनका सुरक्षा एजेंसियों में कोई आतंकी संबंधित रिकार्ड नहीं है।