उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में रविवार सुबह भारी मात्रा में हथियारों से लैस आतंकियों ने सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला कर दिया। इस हमले में सेना के 17 जवान शहीद हो गए, जबकि करीब 19 अन्य जवान घायल हुए हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह आतंकियों ने सेना के मुख्यालय को निशाना बनाया।
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सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीओके से निकलकर 4 आतंकी सलमाबाद नाले (झेलम नदी) के रास्ते उड़ी सेक्टर में पहुंचे । आतंकियों के पास भारी मात्रा में असलहा और ग्रेनेड मौजूद थे। इस बार भी आतंकियों ने पठानकोट हमले के तर्ज पर हमला करने की प्लानिंग की थी। पठानकोट में भी आतंकी नालों के रास्ते घुसपैठ करके भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे।
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सुबह करीब सवा पांच बजे आतंकियों ने उड़ी की आर्मी यूनिट में स्थित प्रशासनिक बेस कैंप के पिछले हिस्से पर पहला हमला बोला। कुछ ऐसे ही जनवरी में पठानकोट स्थित एयरफोर्स बेस पर हमला किया गया था। वहां भी सुबह के वक्त ही आतंकी एयरफोर्स स्टेशन में दाखिल हुए थे। उड़ी में भी आतंकियों का दस्ता आत्मघाटी था, जिसका मकसद सेना को ज्यादा से ज्यादा नुकसाना पहुंचाना था।
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उड़ी के प्रशासनिक बेस की इस इमारत में सेना की अलग अलग यूनिट के जवान थे, इनमें कुछ अपनी ड्यूटी बदल रहे । वहीं डोगरा रेजीमेंट के कई जवान इमारत के पास के तंबुओं में सो रहे थे, जो कि पिछली रात अपनी ड्यूटी पूरी करके वापस लौटे थे।
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हमले के बाद आतंकियों के ग्रेनेड से हमला कर सेना के इन्हीं तंबुओं में आग लग दी । आग लगने के बाद सोते हुए जवानों को संभलने का कोई मौका नहीं मिल सका जिसके कारण बड़ी संख्या जवान हताहत हो गए । सेना के डीजीएमओ के मुताबिक 12 से 13 जवानों की मौत आग की वजह से हुई।
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आतंकी बड़ी मात्रा में हथियारों से लैस थे जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पठानकोट की तर्ज पर ब्रिगेड मुख्यालय में काफी नुकसान करने की प्लानिंग थी।
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वहीं हमले के पलटवार में सुरक्षा में तैनात जवानों ने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी । मामला गंभीर होता देख सेना के शीर्ष अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर की मदद से पैरा कमांडो को मुठभेड़ की जगह पर भेजने का फैसला किया ।
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कुशल रणनीति के चलते पैरा कमांडोज ने कुछ ही घंटों में चारों आतंकियों को ढेर कर दिया ।
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इसके बाद सेना के ब्रिगेड मुख्यालय और आसपास के इलाकों में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया ।
हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से लगती सारी सीमाओं और पंजाब से लगती सीमा पर हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है।। हमले के घायलों को इलाज के लिए श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में किया जा रहा है।