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मेजर सोमनाथ से हार गई थी 700 सैनिकों की पाकिस्तानी टुकड़ी, मिला था पहला परमवीर चक्र

Sat, 03 Nov 2018 04:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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maj somnath sharma - फोटो : फाइल
मेजर सोमनाथ शर्मा भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर थे।1947 में भारत पाकिस्तान के बीच हुए पहले संघर्ष के दौरान मेजर सोमनाथ मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में पेट्रोलिंग कंपनी में तैनात थे। इसी दौरान बडगाम में 700 पाकिस्तानी सैनिकों ने हमला कर दिया। 
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1947 भारत पाक युद्ध - फोटो : File Photo
पाकिस्तानी सैनिकों की इस कंपनी में 700 से अधिक सैनिक मौजूद थे। इन सभी सैनिकों के पास भारी मोर्टार और ऑटोमेटिक मशीन गन मौजूद थी। 
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1947 भारत पाक युद्ध - फोटो : File Photo
इन सैनिकों के मुकाबले मेजर सोमनाथ की कंपनी में बेहद कम सैनिक थे इसके बावजूद तीन तरफ से घिर गई उनकी बटालियन लगातार दुश्मन से मुकाबला करती रही। 

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KASHMIR 1947 - फोटो : file photo
पाकिस्तान के हमले में अपनी बटालियन के सैनिकों की जान जाते देख मेजर सोमनाथ ने खुद आगे आकर दुश्मन से मोर्चा लेना शुरू किया और अपनी बटालियन से भी दुश्मन से पूरी वीरता से लड़ने की बात कही। 
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KASHMIR 1947 - फोटो : file photo
मेजर सोमनाथ ने अपने सैनिकों के साथ पाकिस्तान का डंटकर मुकाबला किया और सैकड़ों की तादात में आए सैनिकों को भी मुंह की खानी पड़ी। 
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इस युद्ध के दौरान पाकिस्तान की ओर से दागे गए एक मोर्टार का गोला मेजर सोमनाथ के पास आ गिरा, जिसके धमाके में वे शहीद हो गए। 
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अपनी शहादत के पहले अपने साथियों से कहे अपने अंतिम शब्दों में मेजर सोमनाथ ने कहा था कि दुश्मन हमसे महज 50 मीटर की दूरी पर है और हमें उससे बची हुई अंतिम गोली और अंतिम फौजी तक मुकाबला करना ही होगा। 
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paramveer chakra
मेजर सोमनाथ की वीरता और युद्ध के दौरान उनके अदम्य साहस के इस कृत्य के लिए उन्हे भारत के राष्ट्रपति द्वारा मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। 
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