आमिर की कहानी जितनी खास है उससे ज्यादा प्रेरक भी। अनंतनाग के एक छोटे से गांव के आमिर जम्मू-कश्मीर की पैरा क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। आमिर का परिचय सिर्फ इतना नहीं बल्कि हिम्मत की एक ऐसी मिसाल के तौर पर भी है जिसने न जाने कितनों को हौसले के बल पर मुश्किलों से न हारने की हिम्मत दी है। पढ़ें करिश्माई क्रिकेटर आमिर की कहानी। आने वाली स्लाइड्स में।
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Aamir
- फोटो : File Photo
आमिर गले और कंधे की हड्डी में बैट फंसाकर बैटिंग कर लेते हैं और पैर की उंगलियों से लेग स्पिन का हुनर भी है। ये बात एक बार आप सभी को आश्चर्य में डाल देगी लेकिन आमिर ने अपने करिश्माई हौंसले से इस हिम्मती जज्बे को साबित किया है।
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AAMIR
- फोटो : ANI
आमिर के इस हौसले की ताकत है सेना की राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट, जिसके द्वारा आमिर के हुनर को तराशने के लिए उन्हे हर संभव मदद देती है। सेना द्वारा पिछले दिनों आमिर को एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने रांची ले जाया गया। इसके लिए तमाम जरूरी इंतजामों की जिम्मेदारी खुद सेना ने ली।
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AAMIR
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बचपन में एक हादसे में हाथ गंवा देने वाले आमिर का सपना एक इंटरनेशनल लेवल क्रिकेटर बनने का है। इस सपने की राह में आमिर के साथ पूरे दम और हौसले के साथ खड़ी है भारतीय सेना।
आमिर की हिम्मत सारे देश के लिए एक बड़ी मिसाल है। खुद क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने आमिर की हिम्मत और जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें अपना क्रिकेट बैट और टीम इंडिया की जर्सी गिफ्ट की है।