जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी की वजह से ठंड का कहर जारी है। जवाहर टनल के बाहर बर्फबारी और रामबन के विभिन्न हिस्सों में तीसरे दिन भी पहाड़ से पत्थर व पस्सियां गिरने का सिलसिला चल रहा है। इसी कारण तीसरे दिन भी राजमार्ग बंद रहा और उधमपुर व रामबन में सैकड़ों की संख्या में वाहन फंसे रहे।
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बर्फबारी से खुशनुमा हुई घाटी
- फोटो : बासित जरगर
यात्रियों व चालकों ने दिन भर राजमार्ग के खुलने का इंतजार किया। शाम के समय काफी संख्या में यात्री वाहन जम्मू की तरफ वापस लौट गए।
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बर्फबारी से खुशनुमा हुई घाटी
- फोटो : बासित जरगर
गौरतलब है कि सोमवार को रामबन के विभिन्न हिस्सों में पस्सियां गिरने व जवाहर टनल के बाहर बर्फबारी के बाद राजमार्ग बंद हो गया था।
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राजमार्ग बंद होने पर रामबन के बनिहाल में काफी संख्या में घाटी से जम्मू की तरफ जाने वाले वाहन फंस गए थे। वहीं उधमपुर से घाटी जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। रामबन में फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी की मशीनरी पस्सियां हटाने के कार्य में जुटी रही।
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- फोटो : बासित जरगर
डिगडोल में एक तरफ से पस्सी हटाते तो दूसरी तरफ से फिर से पस्सी गिरने पर राजमार्ग बंद हो रहा था। दोपहर के समय रामबन के चंद्रकोट में भी पस्सी गिरने पर राजमार्ग बंद रहा। बारिश व बर्फबारी के कारण राजमार्ग खोलने का काम लगातार प्रभावित हो रहा है।
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- फोटो : बासित जरगर
उधमपुर में सैकड़ों की संख्या में वाहन तीसरे दिन भी फंसे रहे। छोटे यात्री वाहनों में सवार यात्री व चालक दिन भर राजमार्ग के खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक इंतजार करने के बाद राजमार्ग नहीं खुला और काफी संख्या में यात्री वाहन वापस जम्मू की तरफ लौट गए।
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- फोटो : बासित जरगर
ट्रकों के चालकों ने भी दिन भर राजमार्ग के खुलने पर आगे जाने की अनुमति मिलने का इंतजार किया, लेकिन रात तक इंतजार करने के बाद भी आगे जाने की अनुमति नहीं मिली।
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उधमपुर के जखैनी, भारत नगर, संगूर, रठियान, गरनई, बट्टलबालियां, मांड, टिकरी में हजारों की संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। ज्यादातर ट्रकों को रोका गया है और तीन दिन से सुविधाएं न मिलने के कारण चालक परेशान हैं।
चालकों का कहना है कि उनके वाहनों में रखी सब्जी, फल व अन्य सामान खराब होना शुरू हो गया है। अगर फिर से ज्यादा दिन राजमार्ग बंद हुआ तो उनको सामान के खराब होने पर फेंकना पड़ेगा।