जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम विभाग की ओर से अगले 24 घंटे में घाटी में भीषण बर्फबारी होने की चेतावनी पर प्रशासन सतर्क हो गया है। श्रीनगर के जिला उपायुक्त शाहिद चौधरी ने बताया बर्फबारी की चेतावनी जारी होने के बाद प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
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बर्फबारी
- फोटो : ANI
उन्होंने बताया कि पावर की मशीनरी चौबीसों घंटे उपलब्ध है। सड़क से बर्फ हटाने के लिए 112 मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा राशन की भी पूरी सप्लाई तैयार रखी गई है। सभी विभाग सजग हैं। इसके साथ ही कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। जिला उपायुक्त ने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह में हल्की बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन भीषण बर्फबारी हुई थी।
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लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में कुछ दिन पूर्व हुए हिमस्खलन में जवानों के शहीद होने की घटना के बाद भारतीय सेना ने घाटी की अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सेना ने जवानों को सख्ती से इन निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। बता दें कि सियाचिन में हुए हिमस्खलन में 4 जवान शहीद हुए थे और 2 पोर्टर भी मारे गए थे।
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सेना के एक अधिकारी ने कहा कि कुदरत के कहर को रोकना संभव नहीं पर इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उड़ी, केरन, गुलमर्ग, तंगधार, गुरेज और बांदीपोरा समेत अन्य ऐसे इलाकों में जहां हिमस्खलन का खतरा है, वहां जवानों से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पेट्रोलिंग पर जाने से पहले मौसम विभाग द्वारा दिये गए अपडेट्स का खासा ख्याल रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उत्तरी कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने चिनार कोर के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों के साथ घाटी की अग्रिम चौकियों का दौरा कर जवानों का हौसला बढ़ाया था।