कश्मीरी पंडितों की आवाज बुलंद करने के लिए ही पत्नी किरण खेर को संसद में भेजा है। 26 वर्ष से माताओं ने अपने बच्चों से विस्थापन का दर्द छुपा रखा है। बच्चों के लिए सरकारी क्वार्टरों में रहना ही जीवन बन चुका है, जबकि यह इनकी जिंदगी नहीं है।
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जम्मू पहुंच अलगाववादियों पर भड़के अनुपम खेर
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आज कश्मीरी पंडित युवाओं में गुस्सा है और यह अच्छी बात है, लेकिन इस गुस्से को शांतिपूर्ण तरीके से कश्मीर में अपने घर वापस पहुंच कर निकालना है। उनको उम्मीद है कि एक वर्ष में कश्मीरी पंडित अपने घरों में होंगे। ये बातें शुक्रवार को जगती टाउन में कश्मीरी पंडितों का दर्द जानने पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने कहीं।
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अनुपम के साथ उनके भाई राजू खेर और फिल्म निर्माता अशोक पंडिता भी थे। जगती माइग्रेंटस वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में सवा तीन बजे अनुपम खेर पहुंचे। अनुपम खेर को देखने के लिए कश्मीरी पंडितों का उत्साह देखते ही बनता था। अनुपम खेर ने अपने भाषण की शुरुआत कश्मीरी भाषा से ही की और कश्मीरी पंडितों ने इसका स्वागत तालियां बजाकर किया। अनुपम खेर ने कहा कि कश्मीर से निकाले जाने का दर्द केवल कश्मीरी पंडितों ने ही सहा है।
जम्मू पहुंच अलगाववादियों पर भड़के अनुपम खेर
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आज जगती में रहने वाले कश्मीरी पंडितों ने अपनी परेशानियों का ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इन्हीं परेशानियों के हल के लिए अपनी पत्नी किरण खेर को संसद में भेजा है। संसद में एकमात्र किरण खेर ही ऐसी सांसद हैं, जो कि कश्मीरी पंडितों के लिए बात करती हैं। उन्होंने कहा कि क्वार्टरों की हालत को देख पता चल रहा कि कश्मीरी पंडित किस तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। वह अपने साथियों के साथ मिलकर फंड इकट्ठा करेंगे और जगती टाउन में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को हल करेगे।
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इसके अलावा युवाओं को रोजगार दिलवाने के भी प्रयास होंगे। देश को पहली बार कर्म पर विश्वास रखने वाला वाला प्रधानमंत्री मिला है। उनको पूरी उम्मीद है कि एक वर्ष में कश्मीरी पंडितों की अपने घर वापसी होगी। अनुपम खेर ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर खुलकर बात की और उनके निशाने पर कश्मीर के अलगाववादी नेता रहे।
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जम्मू पहुंच अलगाववादियों पर भड़के अनुपम खेर
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अनुपम खेर ने कहा कि जो कुछ अलगाववादियों ने कश्मीरी पंडितों के साथ किया है, उसके लिए उनको कश्मीरी पंडितों के बच्चे-बच्चे से माफी मांगनी चाहिए।
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उनको पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास कश्मीर में करवाएगी। मीडिया कर्मियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अनुपम खेर ने कहा कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को अलग से स्थापित करना किसी तरह से गलत नहीं है।
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यह एक सकारात्मक प्रयास है। पूरे देश में हिंदू, मुस्लिम भाईचारे के साथ रहे हैं। कश्मीरी पंडितों के कश्मीर के साथ बसने पर गाजा जैसे हालात वाली धारणा गलत है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने हमेशा कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को नजरअंदाज किया है, लेकिन अब केंद्र की तरफ से इसके लिए विशेष प्रयास चल रहे हैं।
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जब अनुपम खेर भाषण दे रहे थे तो एक बच्ची बार-बार आवाजें लगा रही थी। उन्होंने तुरंत उसे अपने पास बुलाया और उसको गले लगाया। अनुपम खेर ने युवकों को सलाह दी की गुस्से को शांतिपूर्ण तरीके से वापस कश्मीर में लौट कर निकालना है। कई युवकों ने अनुपम खेर के साथ सेल्फी लेकर मन की इच्छा पूरी की।
कार्यक्रम में पहुंचने से पहले अनुपम खेर ने सबसे पहले जगती टाउन के क्षीर भवानी मंदिर में माथा टेका और माथा टेकने बाद ही वह पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम संपन्न होने पर कश्मीरी पंडित के क्वार्टर में जाकर चाय भी पी।