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सावन विशेषः इसी जगह भोलेनाथ ने भस्मासुर को किया था खत्म, अद्भुत है शिव धाम, ऐसे पहुंच सकते हैं यहां

Mon, 06 Jul 2020 05:08 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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शिवखोड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू संभाग में रियासी स्थित भोले बाबा के आधार शिविर रनसू (शिवखोड़ी) का बहुत ही महत्व है। श्री शिवखोड़ी धाम में भगवान शिव ने भस्मासुर को भस्म किया था। पौराणिक कथा के अनुसार भस्मासुर ने भगवान शिव की आराधना कर उनको प्रसन्न किया, जिसके फलस्वरूप शिव ने उसको वरदान देते हुए कहा कि भस्मासुर जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा वह वहीं भस्म हो जाएगा।
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शिवखोड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
भगवान शिव से वरदान मिलने के बाद भस्मासुर अहंकारी हो गया। अहंकार में आकर वह शिव को ही भस्म करना चाहता था। इसके बाद उनका पीछा करने लगा। भगवान शिव भस्मासुर की मंशा को भांपते हुए शिवखोड़ी की पहाड़ियों में आकर एक गुफा में बैठ गए।
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शिवखोड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
भस्मासुर के पीछा करने के उपरांत शिव ने मनमोहनी रूप धारण कर लिया और गुफा के बाहर आकर नृत्य करने लगे। इसके बाद भस्मासुर भी उनके साथ नृत्य करने लगा। इस दौरान जैसे ही शिव ने अपना हाथ अपने सिर पर रखा तो भस्मासुर ने उनका अनुसरण करते हुए अपना हाथ अपने सिर पर रख लिया, इसके बाद वह वहीं भस्म हो गया।

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शिवखोड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
शिवखोड़ी की प्राकृतिक गुफा संगड़ की पहाड़ियों में स्थित है। गुफा के भीतर लगभग तीन फीट का प्राकृतिक शिवलिंग है, जिसकी पूजा की जाती है। पुरानी गुफा से भीतर जाने का रास्ता काफी संकरा और टेढ़ा-मेढ़ा है। 
 
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शिवखोड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
शिवखोड़ी के आधार शिविर रनसू से जम्मू, कटड़ा, उधमपुर या फिर अन्य किसी भी स्थान से किसी भी वाहन के जरिये पहुंचा जा सकता है। आधार शिविर से गुफा तक पौने चार किलोमीटर की सरल चढ़ाई है। इसके अलावा घोड़ा पालकी की भी सेवा ली जा सकती है। समय के अनुसार गठित हुए श्री शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड रनसू की तरफ से पैदल ट्रैक पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पानी की व्यवस्था के साथ ही शौचालय भी बनाए गए हैं। 

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