समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से दुनिया भर में 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इस साक्षरता दिवस पर जानते हैं एक अनोखे जम्मू के स्कूल की कहानी, यहां जरुरतंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
वर्ष 2009 में झुग्गी में शुरू हुआ संघर्ष विद्या केंद्र मराठा बस्ती के बच्चों में साक्षरता की अलख जगा रहा है। इस समय स्कूल में जरूरतमंद परिवारों के 82 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। पहली से पांचवीं तक के स्कूल में निशुल्क शिक्षा के साथ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, पेंसिल, पेन और जरूरत की चीजें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। भौर कैंप के हायर सैकेंडरी स्कूल से लैक्चरर रिटायर्ड कंचन शर्मा ने इस स्कूल की शुरुआत की। 2009 में पहले बैच के बच्चे आज शहर के अलग-अलग स्कूलों से 12वीं कक्षा पास कर चुके हैं।
शिक्षिका कंचन शर्मा (62) ने बताया कि 2004 में वह गांधी नगर गर्ल्स हाई स्कूल में तैनात थीं। इस दौरान एक संस्था कुछ बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाने पहुंची। बातचीत के बाद बच्चों को दाखिला दे दिया गया। पता चला कि बच्चे पास के मराठा बस्ती (त्रिकुटा नगर) से आए हैं। उन्हें देखकर उस इलाके में जाने का मन हुआ। वहां जाकर देखा तो कई बच्चे ऐसे थे, जो स्कूल जाने की उम्र के तो थे, लेकिन गरीबी के चलते स्कूल नहीं जा पा रहे थे। इस घटना ने अंदर से झकझोर दिया। इसके बाद उन्होंने बच्चों के लिए कुछ करने की ठानी। शिक्षा से वंचित बच्चों को गांधी नगर स्कूल में बुलाया और दाखिला दिया।