रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कघोट के पास सोमवार को हुए दर्दनाक बस हादसे में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हादसे के बाद मौके से भाग गए बस चालक को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कघोट में 21 लोगों की जान चली गई थी।
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Ramnagar Bus Accident
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कघोट में 21 लोगों की जान लेने वाली बस ने परिवहन नियमों की धज्जियां भी खूब उड़ाई हैं। बस का इतिहास बेहद खौफनाक रहा है। पिछले 36 महीनों में इसके 15 चालान हुए। इनमें से 10 चालान अकेले ओवरलोडिंग के थे। इसके बावजूद परिवहन विभाग इसे सड़क से नहीं उतारा।
जांच में सामने आया है कि इस बस (जेके14डी-2121) का 15 में से 4 चालानों का भुगतान अब तक बकाया था। इसके बावजूद न तो गाड़ी की आरसी रद्द की गई और न ही चालक का लाइसेंस छीना गया। परिवहन विभाग की ओर से समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
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रामनगर के कघोट इलाके में हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बस में फंसे लोगों को जेसीबी की मदद से निकालते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस को जब्त भी नहीं किया गया। इस ढिलाई के कारण ही बेगुनाह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ये सुस्ती ने यातायात विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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कघोट में हादसे के बाद क्रेन की मदद से बस में फंसे घायलों को निकलते
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवार को हुई 21 मौतें सीधे तौर पर उस लचर सिस्टम पर सवालिया निशान लगाती हैं जिसने जुर्माने की सिर्फ रसीदें काटीं। अगर ये बस जब्त कर ली गई होती और चालक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया होता तो आज 21 घर नहीं उजड़ते।
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रामनगर अस्पताल में बस हादसे में मारे गए लोगों के रखे शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अदा किए गए चालान का रिपोर्ट कार्ड
क्र.सं.
दिनांक
जुर्माना (₹)
वजह
1
29-10-2023
1,200
ओवर लोडिंग
2
01-12-2023
500
नंबर प्लेट
3
11-06-2024
1,600
ओवरलोडिंग
4
03-04-2025
3,000
ओवरलोडिंग
5
26-06-2025
400
ओवरलोडिंग
6
11-07-2025
500
टैक्स रसीद न होना
7
04-08-2025
4,000
ओवरलोडिंग
8
17-10-2025
2,000
निर्देशों की अवहेलना
9
07-11-2025
2,000
ओवरलोडिंग
10
15-12-2025
800
ओवरलोडिंग
11
24-12-2025
800
ओवरलोडिंग
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हादसे के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाए घायल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बकाया चालान का रिपोर्ट कार्ड
क्र.सं.
दिनांक
जुर्माना (₹)
वजह
1
01-02-2025
500
टैक्स रसीद न होना
2
21-05-2025
7,500
लापरवाही से वाहन चलाना
3
01-05-2025
15,500
ओवरलोडिंग व अन्य
4
23-03-2026
4,000
ओवरलोडिंग
कुल बकाया जुर्माना: ₹ 27,500
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पहाड़ी से गिरी बस
- फोटो : पीटीआई
रामनगर बस हादसे में भागा बस चालक रोहित गिरफ्तार
रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कघोट के पास सोमवार को हुए दर्दनाक बस हादसे में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हादसे के बाद मौके से भाग गए बस चालक को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 27 वर्षीय रोहित शर्मा क्षेत्र के ही दिहाड़ी गांव का रहने वाला है। उसे मंगलवार दोपहर तरेला इलाके से दबोचा गया।
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पहाड़ी से गिरी बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोमवार को एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी थी। इस भीषण दुर्घटना में 21 लोगों की मौत और 61 घायल हो गए थे। शुरुआत में कयास लगाए जा रहे थे कि चालक की भी इस हादसे में मौत हो गई है। बाद में जांच में पता चला कि वह सुरक्षित है और गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग गया है। वहीं, अधिकांश घायल जीएमसी उधमपुर में भर्ती हैं।
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पहाड़ी से गिरी बस
- फोटो : पीटीआई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्राथमिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बनी है। रामनगर पुलिस ने विभिन्न संभावित जगहों पर छापेमारी कर बस चालक को ढूंढ निकाला। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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पहाड़ी से गिरी बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्रैश बैरियर होते तो बच जातीं दर्जनों जानें
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में सड़क हादसे रूह कंपा देने वाले हैं। इस साल की शुरुआत में डोडा में 10 सैन्य जवानों की शहादत से लेकर गत सोमवार को रामनगर में 21 लोगों की मौत तक हर बड़ा हादसा प्रशासन की नींद खोलने वाला है। चिनाब वैली से लेकर उधमपुर के दुर्गम इलाकों तक सड़कों पर क्रैश बैरियर का अभाव चीख-चीखकर सिस्टम की विफलता बयां कर रहा है।
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पहाड़ी से गिरी बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर सहित चिनाब वैली के रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिले पहाड़ों की गोद में बसे दूरदराज एवं दुर्गम इलाकों में सड़कों पर हर वक्त हादसे की आशंका रहती है। जब कोई हादसा होता है तो यातायात विभाग चंद दिनों की खानापूर्ति वाली कार्रवाई करता है। ठोस सड़क सुरक्षा और जवाबदेही के अभाव में पहाड़ों पर सड़कें माैत के दलदल में धकेल देती हैं। रामनगर का हादसा टल सकता था अगर सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाए गए होते।
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पहाड़ी से गिरी बस, मौके पर जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
2023 में डोडा हादसे में 39 ने गंवाई थी जान
पुरानी त्रासदियों का जिक्र करना गड़े मुर्दे उखाड़ना नहीं बल्कि सोए हुए सिस्टम को आईना दिखाना है। इस साल की शुरुआत में डोडा में फिसलन और क्रैश बैरियर न होने से सैन्य बस खाई में गिर गई थी। इसमें 10 जवान शहीद हुए थे। वहीं, नवंबर 2023 का डोडा हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई थी। ये हादसा हूबहू रामनगर हादसे जैसा था। तब भी तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण बस मोड़ पर नियंत्रण खोकर पहाड़ी से नीचे गिरी थी। इन तमाम हादसों में एक बात सामान्य रही कि यदि सड़क किनारे क्रैश बैरियर होते तो ये जिंदगियां बच सकती थीं। अफसोस कि प्रशासन आज भी इन खूनी मोड़ों से सबक लेने के बजाय केवल खानापूर्ति में जुटा है।
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पहाड़ी से गिरी बस, राहत एवं बचाव कार्य करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर में खाई में गिरी बस, 21 लोगों की मौत
उधमपुर जिले में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे भीषण सड़क हादसा हुआ। रामनगर से उधमपुर आ रही बस तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 से अधिक घायल हुए हैं। सभी रामनगर के हैं। यह इस साल का सबसे बड़ा हादसा है।
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पहाड़ी से गिरी बस, राहत एवं बचाव कार्य करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस ने खाई में गिरते समय नीचे सड़क पर जा रहे ऑटो को भी चपेट में ले लिया। मृतकों में सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। हादसे की वीभत्सता इतनी थी कि ढलान पर पलटते हुए बस की छत पूरी तरह अलग हो गई। हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा दुख जताया है।
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कघोट में हुए हादसे के बाद जीएमसी में घायलों से मुलाकात करते हुए मुख्य सचिव।
- फोटो : प्रशासन
हादसे का कारण तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग सामने आया है। रामनगर से उधमपुर के लिए ये बस (जेके 14 डी 2121) सुबह करीब नौ बजे रवाना हुई थी। करीब 9:40 बजे ये कघोट इलाके में पहुंची। यहां बस चालक ने तीखे मोड़ (यू-टर्न) पर एक छोटे वाहन को रास्ता देने के लिए लंबा मोड़ काटा।
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बस हादसे के बाद रामनगर अस्पताल में यात्री लोड करियर में घायलों को उपचार करवाने लाते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जाता है कि स्पीड अधिक होने के चलते चालक मोड़ पर बस को नियंत्रण में नहीं रख सका। इससे बस का अगला एक पहिया सड़क से उतर गया और फिर बस पहाड़ी से लुढ़कते हुए खाई में सड़क के दूसरे हिस्से पर जा गिरी। चट्टानों और नुकीले पत्थरों के चलते बस के परखचे उड़ गए।
हादसे के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाए गए घायल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दौरान वहां से गुजर रहा ऑटो लोड कैरियर भी चपेट में आ गया। इसमें सवारों को मामूली चोट आई हैं। घटना के दौरान वहां से सेना का काफिला गुजर रहा था। जवान काफिला रोककर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की।