पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन से जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1962 के युद्ध में भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की मिसाल रेजांग ला मोर्चे को याद किया। रक्षा मंत्री ने रेजांग ला में पुनरुद्धार से तैयार किए गए युद्ध स्मारक का उद्घाटन करते हुए कहा कि रेजांग ला में भारतीय सेना की बहादुरी का अध्याय इतिहास के पन्नों के साथ हमारे दिलों की धकड़न में भी हमेशा के लिए दर्ज है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 18 हजार फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना के 100 जांबाजों ने चीन को वो क्षति पहुंचाई थी, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है। 59 वर्ष पूर्व की वह शौर्यगाथा चीन से युद्ध की सबसे शानदार घटना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रेजांग ला को विश्व में युद्ध इतिहास के दस सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण युद्ध मोर्चों में गिना जाता है।