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उरी हमला: 19 जवानों की शहादत पर खौल उठा था हिंदुस्तान का खून

Thu, 11 Aug 2022 09:29 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जम्मू
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उरी हमले में कई जवान शहीद हो गए थे। - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू कश्मीर के राजौरी में गुरुवार सुबह आत्मघाटी हमलावरों ने आर्मी कैंप पर हमला कर दिया, जिसमें तीन जवान शहीद हो गए। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे जा चुके हैं। सेना का ऑपरेशन अभी जारी है। इस हमले ने उरी में सैन्य शिविर पर हुए हमले के जख्मों को ताजा कर दिया। उरी हमले के 10 दिन के अंदर भारतीय सैनिकों ने पीओके में घुसकर आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए दुनिया को बता दिया था कि ये भारत चुप नहीं बैठने वाला। ये भारत घर में घुसकर मारना जानता है।
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uri attack - फोटो : अमर उजाला
भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने 18 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से सटी उरी तहसील में सेना के 12 इनफैंट्री ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला बोलते हुए वहां सो रहे सैनिकों पर गोलीबारी कर दी थी। इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। उरी हमले को अगले महीने छह साल हो जाएंगे। उरी तहसील आज भी उस हमले से उबर नहीं पाई है। हमले के बाद से यहां और आसपास के लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है।
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uri attack - फोटो : अमर उजाला

हमले में 19 सैनिक हुए थे शहीद

चार आतंकवादी पीओके से निकलकर सलमाबाद नाले (झेलम नदी) से होते हुए उरी पहुंचे थे। उनके पास भारी मात्रा में हथियार और ग्रेनेड थे। उन्होंने पठानकोट हमले की तर्ज पर हमला किया था। तब भी आतंकियों ने नालों के रास्ते भारत में घुसपैठ की थी।

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uri attack - फोटो : अमर उजाला
उरी में तड़के लगभग पांच बजे उरी के आर्मी यूनिट में स्थित प्रशासनिक बेस कैंप के पिछले हिस्से में पहले हमला किया था। पठानकोट में भी तड़के ही हमला किया गया था। राजौरी की तरह उरी में भी आत्मघाती आतंकियों ने ही हमला किया था और उनका मकसद भारत को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहु्ंचाने का था।
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Uri attack

ग्रेनेड से हमला करने के बाद सेना के तंबुओं में लगा दी थी आग

आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला करने के बाद सेना के तंबुओं में आग भी लगा दी थी, जिससे सैनिकों को संभलने का मौका भी ना मिला। सेना के तत्कालीन डीजीएमओ के अनुसार, 12-13 जवानों की मौत तो सिर्फ आग लगने के कारण हुई थी।
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पीएम मोदी(फाइल) - फोटो : Social media

पीएम मोदी ने कहा था- बख्शे नहीं जाएंगे हमलावर

वीर जवानों पर कायराना हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा था। उन पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरा देश एक स्वर था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तब ट्वीट किया था, 'हम उरी में कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। मैं राष्ट्र को विश्वास दिलाता हूं कि इस घृणित हमले के पीछे जो लोग हैं, वे बख्शे नहीं जाएंगे।'

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सर्जिकल स्ट्राइक - फोटो : SELF

10 दिन बाद भारत ने की थी सर्जिकल स्ट्राइक

उरी में 18 सितंबर को हमले के 10 दिन बाद भारत ने पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया था। 29 सितंबर को पूरी दुनिया ने जान लिया था कि भारत पर हमला करने वाले कहीं भी छिप जाएं, वे बचे नहीं रह सकते।
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