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कश्मीर में तीन महीने से बंद रेल सेवा आज से होगी शुरू, श्रीनगर-बनिहाल के बीच रेलवे ने किया ट्रायल रन

Tue, 12 Nov 2019 12:04 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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श्रीनगर ट्रेन सेवा - फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर से पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 हटाने की घोषणा करने के साथ ही घाटी में बंद पड़ी रेल सेवा को मंगलवार से फिर से शुरू किया जाएगा। करीब तीन माह तक बंद रही बनिहाल-बारामुला रेल सेवा में से अभी श्रीनगर-बारामुला के बीच रेल सेवा को बहाल करने की हरी झंडी मिली है। इन तीन माह के दौरान रेलवे को करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

 
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श्रीनगर ट्रेन सेवा - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के नौगाम इलाके में स्थित श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को करीब तीन माह के अंतराल के बाद हलचल देखने को मिली। यह मौका था श्रीनगर से बारामुला के बीच रेल लिंक पर रेल सेवा के ट्रायल रन का, जिसे रेलवे और सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अंजाम दिया गया। 

 
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श्रीनगर ट्रेन सेवा - फोटो : बासित जरगर
मंगलवार से आम लोगों के लिए श्रीनगर-बारामुला रेल सेवा को बहाल किया जाएगा। क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से केवल श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन पर ही सुरक्षा के लिहाज से हरी झंडी दी गई है। इसके चलते रविवार को रेलवे के अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बैठक भी बुलाई और ट्रैक का निरीक्षण किया। ट्रैक में किसी प्रकार की खराबी न होते हुए सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक श्रीनगर और बारामुला के बीच दो रेल चलाने का फैसला लिया गया।

 

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श्रीनगर ट्रेन सेवा - फोटो : बासित जरगर
आतंकी बुरहान के मारे जाने के दौरान पांच करोड़ का नुकसान
वर्ष 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद उत्पन्न हुए हालात के चलते इस सेवा को करीब 5 माह के लिए बंद रखा गया। उस दौरान करीब 5 करोड़ का नुकसान रेलवे को हुआ था। वर्ष 2017 और 2018 में 44 और 30 दिन तक रेल सेवा एहतियात के तौर पर बंद रही, जिस दौरान करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था।    

 
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श्रीनगर ट्रेन सेवा - फोटो : बासित जरगर
सालाना कमाई 10 करोड़
आंकड़ों के अनुसार बनिहाल-बारामुला के बीच 137 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस रेल सेवा से सालाना करीब 10 करोड़ की कमाई होती है, लेकिन इसकीएवज में रेलवे द्वारा इसके रखरखाव पर 70 करोड़ खर्च किया जाता है। हफ्ते में छह दिन रेलवे द्वारा प्रतिदिन 30 ट्रेनें चलाई जाती हैं जिसका अधिकतर छात्र, सरकारी कर्मचारी आदि लाभ उठाते हैं। 2020 तक सरकार ने रेल लिंक के माध्यम से कश्मीर को कन्याकुमारी के साथ जोड़ने की योजना बनाई हुई है। ऐसा होने पर ट्रेन जम्मू और कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी और साथ ही यहां के फलों के व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा और कश्मीर की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

 
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श्रीनगर ट्रेन सेवा - फोटो : बासित जरगर

कश्मीर के लोगों के लिए यह ट्रेन लाइफ लाइन है। रोड की स्थिति खराब होने के दौरान या खराब मौसम के चलते यह सेवा कभी भी प्रभावित नहीं होती। कम समय में यात्रा करने के लिए यह एक सस्ता माध्यम भी है। यह सेवा दुबारा शुरू होने से लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा। यहां ट्रेन सेवा उनकी सुविधा के लिए चलाई जाती है और अगर यह ठीक रहेगी तो उनका जीवन सामान्य रूप से चलेगा। इन सेवाओं के बंद होने से उन्हें ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए लोगों से यही अपील है कि इसे अपना मानकर इसके संचालन में किसी प्रकार की बाधा न डाली जाए।-सुधीर कुमार, एरिया मैनेजर, रेलवे


 
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डीआरएम ने सिक्योरिटी व ट्रैक का किया निरीक्षण
रेल डिवीजन फिरोजपुर के रेल मंडल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने सोमवार को घाटी में ट्रेन चलाने के संबंध में सेफ्टी, सिक्योरिटी व रेलवे ट्रैक का बडगाम से बारामुला स्टेशन के बीच निरीक्षण किया। निरीक्षण में सब कुछ ठीक पाए जाने पर मंगलवार से वैली में दो ट्रेनें चलाने की अनुमति दी है।
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