पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेकां के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला की 13 जून को श्रीनगर में सरकार विरोधी रैली के बाद मंगलवार को नेकां ने जम्मू में रोष रैली निकाली और पुलिस के कई अवरोधकों को तोड़ते हुए कार्यकर्ताओं ने सचिवालय घेराव का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज कर नेकां कार्यकर्ताओं को सचिवालय की तरफ जाने से रोक दिया।
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सचिवालय घेरने जा रहे नेकां कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
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संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा और वरिष्ठ उपप्रधान सुरजीत सिंह सलाथिया की अगुवाई में सरकार विरोध रैली नेकां मुख्यालय शेर-ए-कश्मीर भवन से शुरू हुई और रघुनाथ बाजार, सिटी चौक और शालामार से होते हुए सचिवालय घेराव का प्रयास किया गया।
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इस अवसर पर राणा ने पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार को हर क्षेत्र में विफल बताते हुए कहा कि यह सरकार नागपुर से चलाने का प्रयास किया जा रहा है। नेकां ऐसा नहीं होने देगी।
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उन्होंने कहा बाढ़ राहत की बात हो या किसानों को फसल बर्बादी का मुआवजा। 37 रुपये मुआवजा देकर किसानों का मजाक उड़ाया गया है। नई भर्ती नीति युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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उन्होंने कहा, पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार रियासत में हालात में सुधार की बातें करते थी, लेकिन कश्मीर का सोपोर हो या फिर जम्मू का गाडीगढ़, गोलियां चलीं, लोग मर रहे हैं।
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आतंकवादियों की रिहाई की जाती है। उन्होंने कहा कि सौ दिनों के दौरान ऐसा लग रहा है कि अभी सरकार शुरू ही नहीं हुई है। नेशनल कांफ्रेंस की तरफ लोग उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और नेकां की एक बार फिर रियासत में सरकार बनेगी।
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ऐसा उन्हें यकीन है। वरिष्ठ उपप्रधान सुरजीत सिंह सलाथिया ने कहा कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार जनविरोधी है। रियासत में हालात खराब हुए हैं।
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ऐसे में इस सरकार को हटाकर राज्यपाल शासन लागू किया जाना चाहिए। इस अवसर पर नेकां नेता धर्मवीर सिंह जंबाल, एजाज जान, विधायक कमल अरोड़ा, रतन लाल गुप्ता आदि भी मौजूद रहे।