जम्मू-कश्मीर में ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी अपने शिल्प कौशल के साथ एक उत्तम दर्जे के विकल्प के रूप में प्रचलित है। आजकल युवतियों में ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी का क्रेज बढ़ता जा रहा है। इन ज्वैलरी में युवतियों की पहली पसंद सिल्वर और गोल्ड रंग की ज्वैलरी है।
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ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा इसलिए है, क्योंकि ये किसी भी तरह के स्कीन टोन के साथ मेल खा जाती है, जिससे लुक यूनिक नजर आता है। इस ज्वेलरी की बढ़ती डिमांड के कारण बाजार में इसके कई डिजाइन्स आ रहे हैं।
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ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी
- फोटो : अमर उजाला
युवतियों के बीच इस ज्वैलरी की लोकप्रियता के चलते नेकपीस, रिंग्स, झुमके और ब्रेसलेट आ रहे हैं। सभी आयु वर्ग की महिलाओं के बीच ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी को लोकप्रिय हो रही है। थ्रेड वर्क के साथ ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी और भी आकर्षक लगती हैं।
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ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी
- फोटो : अमर उजाला
इन ज्वैलरी में भी नया प्रयोग
आक्सीडाइज्ड ज्वैलरी के निर्माताओं ने इनमें भी नया प्रयोग किया जो खासे पसंद किए जा रहे हैं। इसमें वुड और बीड्स लगाकर इसके लुक को कुछ और संवारने करने का प्रयास किया। ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी में मांग टीका, एंकलेट्स, कड़े और बाजूबंद ज्यादा चलन में हैं। इनकी कीमत भी आम लोगों की पहुंच में हैं। 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक इनकी कीमत आम तौर पर होती है। ऑनलाइन या किसी शोरूम से खरीदने पर 150 से 1000 रुपये तक में ये मिल जाती हैं।
इंडो वेस्टर्न लुक देती हैं ये ज्वेलरी
कार्मस कॉलेज में पढ़ने वाली वंशिका ने बताया कि वह जीन्स और कुर्ते के साथ ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी का इस्तेमाल करती है, जिससे इंडो-वेर्स्टन लुक मिलता है। इससे पर्सनेलिटी काफी आकर्षक हो जाती है। कजिन की शादी की तैयारी में जुटी रोहिनी ने बताया कि वह शादी के हर फंक्शन के लिए ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी पहनती है। इससे कम कीमत में अलहदा लुक मिल जाता है।