फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवाओं की प्रतिभा उभारने के लिए सेना ने किया सूफी फेस्टिवल का आयोजन, नूरां सिस्टर्स ने बांधा समां

Fri, 28 Feb 2020 09:54 AM IST
प्रशांत कुमार अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू-कश्मीर
विज्ञापन
1 of 5
सूफी फेस्टिवल का आयोजन - फोटो : बासित जरगर
सेना की चिनार कोर की ओर से श्रीनगर के चिनार यूथ कम सूफी फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इसमें सूफी संगीत में लोहा मनवाने वाली नूरां सिस्टर्स मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कश्मीर के युवकों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना था जहां वह अपने हुनर का प्रदर्शन कर सकें।
 
विज्ञापन

2 of 5
सूफी फेस्टिवल का आयोजन - फोटो : बासित जरगर
डल झील के किनारे स्थिति शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (एसकेआईसीसी) में गुरुवार को दो दिवसीय यूथ फेस्टिवल के समापन समारोह में घाटी के अलग-अलग जगहों से आए स्थानीय बैंड्स ने भी परफॉर्मेंस दी।
विज्ञापन

3 of 5
सूफी फेस्टिवल का आयोजन - फोटो : बासित जरगर
पंजाब की सूफी क्वींस नूरां सिस्टर्स ज्योति नूरां और सुल्ताना नूरां ने समां बांध दिया।

 

4 of 5
सूफी फेस्टिवल का आयोजन - फोटो : बासित जरगर
वहीं घाटी में सेना की कमान संभालने वाले 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने कहा कि सेना का हमेशा यह प्रयास रहा है कि वह युवाओं को ऐसे प्रोत्साहित करे कि वह अपने हुनर को सवार सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सूफी फेस्टिवल का आयोजन - फोटो : बासित जरगर
ढिल्लों ने बांदीपोरा की तजामुल इस्लाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि कश्मीर के हर घर से ऐसे बच्चे निकलें जो कश्मीर के साथ-साथ देश का भी नाम रोशन करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें