नए जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की तकदीर बदलने का खाका तैयार हो गया है। पारदर्शी, जन अनुकूल और घर द्वार तक पहुंचने वाली शासन व्यवस्था देने के लिए केंद्र सरकार 19 राज्यों के विकास मॉडल और तकनीक की मदद लेगा।
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जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में सुशासन विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में आठ सूत्रीय संकल्प को अपनाया गया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सम्मेलन में शामिल हुए 19 राज्यों से ई-गवर्नेंस सहित जन अनुकूल शासन व्यवस्था देने में मदद लेने पर सहमति बनी है।
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शनिवार को दो दिवसीय सम्मेलन का समापन हो गया। जम्मू कन्वेंशन सेंटर में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और डीएआरपीजी विभागों समेत सम्मेलन के प्रतिभागी राज्यों व यूटी ने संकल्प प्रस्ताव को अपनाया।
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इस दौरान उपराज्यपाल के सलाहकार केवल कृष्ण शर्मा, योजना विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल, डीएआरपीजी के अतिरिक्त सचिव वी श्रीनिवास, सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव फारूक अहमद लोन और डीओपीटी की संयुक्त सचिव जया दुबे की मौजूदगी में सुशासन संकल्प जम्मू घोषणा प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपना लिया गया।
केंद्र सरकार और प्रतिभागी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें जम्मू कश्मीर और लद्दाख में डिजिटल तकनीक क्षेत्र में मदद करेंगी। शासन व्यवस्था से जुड़े मॉडल व कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में हाथ बटाएंगी।
जम्मू कश्मीर और लद्दाख में जन केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
सफल परिष्कृत और समेकित नीतियों को अपनाना
समस्या निवारण तंत्र को मजबूत किया जाएगा
ई-आफिस को बढ़ावा दिया जाएगा
प्रशासन के क्षमता निर्माण पर जोर रहेगा
डिजीटल तकनीकों को हर क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा
जम्मू कश्मीर और लद्दाख में स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन दिया जाएगा