नए साल में चंद घंटे बचे हैं। कम समय होने के कारण लोग अपने परिवार संग घर रहकर नए साल का स्वागत करना चाहते हैं। तो वहीं कुछ लोग अभी भी बाहर जानें की योजना बना रहे हैं। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी जगहों के बारे में जहां जाकर नए साल का जश्न मनाना आपके लिए यादगार होगा। नए साल के स्वागत में जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख के मौसम ने भी करवट बदली है। मौसम के मिजाज को देखते हुए लोगों ने नए साल के स्वागत के लिए उत्तरी भारत को चुना है। जम्मू-कश्मीर की सुंदरता बर्फबारी के बाद दोगुनी बढ़ गई है।
आगे पढ़ें जम्मू-कश्मीर में आप कहां मना सकते हैं नए साल का जश्न...
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जम्मू-कश्मीर में नए साल का जश्न
- फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर है। श्रीनगर मुगल काल से ही गरमी के लिहाज से सबसे अच्छी जगह मानी जाती रही है। जिसके चलते कई मुगल बादशाहों ने इस श्रीनगर में कई बागों का निर्माण करवाया। इन बागों में सबसे प्रसिद्ध है निशात बाग। वहीं श्रीनगर की खूबसूरती में चार चांद लगती डल झील की एक अपनी ही बात है। घरनुमा वोट (हाउसवोट) से भरी डल झील की अपनी ही एक खूबसूरती है। जल रात मे देखने और भी खूबसूरत लगती है। श्रीनगर के चिनार के पेड़ और कश्मीरी शाल और लालचौक विश्वप्रसिद्ध हैं।
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जम्मू-कश्मीर में नए साल का जश्न
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जम्मू
जम्मू शहर जम्मू कश्मीर राज्य की शीतकालीन राजधानी है। इस शहर को मंदिरों के शहर नाम से भी जाना जाता है। जम्मू शहर में एक से बढ़कर एक प्रसिद्ध मंदिर हैं। इस शहर की स्थापना 8वीं सदी में राजा लोचन ने की थी। जम्मू में विश्वप्रसिद्ध तीर्थ स्थल में वैष्णों देवी धाम, बहु फोर्ट, अमर महल शामिल हैं। जम्मू में डोगरा राजवंश के महल और संग्रहालय देखने लायक है।
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लेह
लेह को अपने आकार के कारण 'दुनिया की छत' भी कहा जाता है। यह नगर 3,520 मीटर की ऊंचाई तक उठे अत्तुंग पर्वतीय क्षेत्र पर स्थित है, इसके चारों ओर इससे अधिक ऊंचे पर्वतों का घेरा है। लेह स्थायी आबादी वाले दुनिया के सबसे ऊंचे नगरों में से एक है। लेह भारत के सबसे ठंडे शहरों में से एक है। लेह में पर्वत और नदियों के अलावा भी कई ऐतिहासिक इमारतें मौजूद हैं। यहां बड़ी संख्या में खूबसूरत बौद्ध मठ हैं जिनमें बहुत से बौद्ध भिक्षु रहते हैं। लेह में लद्दाखी संस्कृति और परंपरा से जुड़ी कई चीजें खरीदी जा सकती हैं। लेह में मिलने वाले सामानों में पशमीना शॉल सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह शॉल बेहद गर्म और नर्म होती है।
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सोनमर्ग
समुद्र सतह से 2740 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सोनमर्ग जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। बर्फ से आच्छादित पहाड़ों से घिरा हुआ सोनमर्ग शहर जोजी-ला दर्रे के पहले स्थित है। सोनमर्ग का शाब्दिक अर्थ है “सोने के मैदान”। इस स्थान का नाम इस तथ्य के आधार पर पड़ा कि वसंत ऋतु में यह सुंदर फूलों से ढंक जाता है जो सुनहरा दिखता है। सोनमर्ग श्रीनगर-लेह मार्ग से 87 किमी नार्थ-ईस्ट में स्थित है। सोनमर्ग भारत और चीन को जोड़ने का सिल्क रुट का मुख्यद्वार है।