नए जम्मू-कश्मीर में लोगों के बीच आतंकियों का खौफ कम होता नजर आ रहा है। आतंकियों की धमकियों की अनदेखी कर न सिर्फ बाजार खुल रहे हैं बल्कि लोग सड़कों पर भी निकल रहे हैं। यह दहशतगर्दों को रास नहीं आ रहा है। वह लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश में जुटे हैं जिससे लोगों में दहशत पैदा हो। अनंतनाग की घटना इसी साजिश का हिस्सा है।
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नए प्रशासन ने सोमवार को आम लोगों तक पहुंचने के लिए बैक टू विलेज अभियान का दूसरा चरण शुरू किया। सोमवार और मंगलवार को घाटी के विभिन्न इलाकों में जिस प्रकार इन कार्यक्रमों में लोग उमड़े उससे आतंकियों में बेचैनी महसूस की जा सकती है। इसके अलावा श्रीनगर में जिस प्रकार विश्वविद्यालय के बाहर कम क्षमता के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। उससे स्पष्ट है कि आतंकी सिर्फ यह चाहते हैं कि लोग घरों में दुबके रहें और सड़क पर न निकलें। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद आतंकवादी लगातार घाटी के विभिन्न हिस्सों में घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
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चार नवंबर को हरि सिंह स्ट्रीट पर हुआ था आतंकी हमला
इससे पहले चार नवंबर को श्रीनगर के भीड़भाड़ वाले इलाके हरि सिंह स्ट्रीट में आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया था। इसमें एक गैर कश्मीरी खिलौना बेचने वाली की मौत हो गई थी। करीब 35 लोग इस हमले में घायल हो गए थे।
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सोपोर बस स्टैंड पर ग्रेनेड अटैक में कपड़ा व्यापारी की हुई थी मौत
28 अक्तूबर को आतंकियों ने लोगों में दहशत फैलाने के लिए बस स्टैंड पर ग्रेनेड हमला किया था। इसमें एक कपड़ा व्यापारी की मौत हुई थी तथा एक महिला समेत 19 लोग घायल हुए थे।
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चार आईईडी किए प्लांट
बौखलाए आतंकी दहशत फैलाने के लिए मौके की तलाश में जुटे हुए हैं। यह अलग बात है कि सुरक्षा बलों की सतर्कता से आतंकी साजिशें कामयाब नहीं हो पा रही हैं। आतंकियों की ओर से हाईवे पर 10 दिन में चौथी बार आईईडी प्लांट की गई। 25 नवंबर को 13 किलो के दो आईईडी मिलने से पहले 21 नवंबर को अनंतनाग के वानपोह इलाके में 25 किलो की आईईडी बरामद की गई थी। इससे पहले 15 नवंबर को भी श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र पांपोर में ईडीआई के बाहर भी आतंकियों द्वारा एक प्रेशर कुकर में पांच किलो की आईईडी प्लांट की गई थी। इसके अलावा राजोरी-जम्मू हाईवे पर भी आईईडी लगाई गई थी।
अनंतनाग में हमले के समय एडीसी पंचायत घर में थे मौजूद
अनंतनाग में मंगलवार को जिस समय बैक टू विलेज कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ। उस समय एडीसी अनंतनाग व संयुक्त शिक्षा निदेशक वहीं मौजूद थे। घटना होते ही वहां मौजूद सभी अधिकारियों को कड़ी सुरक्षा में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।