फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेजर सोमनाथ से हार गई थी 700 सैनिकों की पाकिस्तानी टुकड़ी, मिला था पहला परमवीर चक्र

Thu, 31 Jan 2019 08:39 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 8
maj somnath sharma - फोटो : फाइल
मेजर सोमनाथ शर्मा भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर थे।1947 में भारत पाकिस्तान के बीच हुए पहले संघर्ष के दौरान मेजर सोमनाथ मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में पेट्रोलिंग कंपनी में तैनात थे। इसी दौरान बडगाम में 700 पाकिस्तानी सैनिकों ने हमला कर दिया। सनातन धर्म पथ परिषद ने जम्मू एयरपोर्ट का नाम प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर रखने की मांग की है। बुधवार को परिषद ने सोमनाथ शर्मा की 96वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में यह मांग उठाई।
विज्ञापन

2 of 8
1947 भारत पाक युद्ध - फोटो : File Photo
पाकिस्तानी सैनिकों की इस कंपनी में 700 से अधिक सैनिक मौजूद थे। इन सभी सैनिकों के पास भारी मोर्टार और ऑटोमेटिक मशीन गन मौजूद थी। 
विज्ञापन

3 of 8
1947 भारत पाक युद्ध - फोटो : File Photo
इन सैनिकों के मुकाबले मेजर सोमनाथ की कंपनी में बेहद कम सैनिक थे इसके बावजूद तीन तरफ से घिर गई उनकी बटालियन लगातार दुश्मन से मुकाबला करती रही। 

4 of 8
KASHMIR 1947 - फोटो : file photo
पाकिस्तान के हमले में अपनी बटालियन के सैनिकों की जान जाते देख मेजर सोमनाथ ने खुद आगे आकर दुश्मन से मोर्चा लेना शुरू किया और अपनी बटालियन से भी दुश्मन से पूरी वीरता से लड़ने की बात कही। 
विज्ञापन

5 of 8
KASHMIR 1947 - फोटो : file photo
मेजर सोमनाथ ने अपने सैनिकों के साथ पाकिस्तान का डंटकर मुकाबला किया और सैकड़ों की तादात में आए सैनिकों को भी मुंह की खानी पड़ी। 
विज्ञापन

6 of 8
war
इस युद्ध के दौरान पाकिस्तान की ओर से दागे गए एक मोर्टार का गोला मेजर सोमनाथ के पास आ गिरा, जिसके धमाके में वे शहीद हो गए। 
विज्ञापन

7 of 8
war
अपनी शहादत के पहले अपने साथियों से कहे अपने अंतिम शब्दों में मेजर सोमनाथ ने कहा था कि दुश्मन हमसे महज 50 मीटर की दूरी पर है और हमें उससे बची हुई अंतिम गोली और अंतिम फौजी तक मुकाबला करना ही होगा। 
विज्ञापन

8 of 8
paramveer chakra
मेजर सोमनाथ की वीरता और युद्ध के दौरान उनके अदम्य साहस के इस कृत्य के लिए उन्हे भारत के राष्ट्रपति द्वारा मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें