पाकिस्तान की नापाक हरकतों का उसे मुंहतोड़ जवाब देने वाले देश के पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर का रविवार शाम लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। आपको बता दें कि तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर की अक्ष्यक्षता में ही देश ने पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक का नाम सुना। वह इस वक्त गोवा के मुख्यमंत्री थे।
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मनोहर परिकर
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए एलओसी पार कर पाकिस्तान में आतंकियों के शिविरों को नेस्तनाबूद किया था। अपनी सादगी के लिए मशहूर मनोहर परिकर की मजबूत नेतृत्व और कुशल प्रशासक की छवि को पुख्ता किया।
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उन्होंने रक्षा मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के सर्जिकल हमले का श्रेय भी संघ की शिक्षा को दिया था।
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मनोहर परिकर
- फोटो : पीटीआई
मुख्यमंत्री बनने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा
2000 में परिकर ने पहली बार गोवा कि कमान संभाली और मुख्यमंत्री बने। 2002 में परिकर ने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2005 में मनोहर परिकर की सरकार विधानसभा में अल्पमत में आ गई थी। भाजपा के चार विधायकों ने सदन से इस्तीफा दे दिया था। 2007 में दिगंबर कामत के नेतृत्व में कांग्रेस ने गोवा चुनाव में परिकर को हराया। 2012 परिकर के नेतृत्व में भाजपा ने गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ जीत दर्ज की। 2014 में मनोहर परिकर को रक्षा मंत्रालय का भार सौंपा गया। उन्होंने अरुण जेटली का स्थान लिया था। 2017 में मनोहर परिकर ने एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
रक्षा मंत्री की अहम जिम्मेदारी मिली
ईमानदारी और निष्ठा की मिसाल परिकर को मोदी सरकार बनने के नवंबर 2014 में रक्षा मंत्री का पद दिया गया। उन्होंने 2017 तक यह जिम्मेदारी बखूबी संभाली। हालांकि इस बीच उन्होंने कई बार यह कहने में हिचक नहीं दिखाई कि वह गोवा के माहौल की कमी उन्हें कचोटती है।