एक ओर जहां सारा देश नोटबंदी की मार से जूझता दिख रहा है वहीं कई जगहों पर डिजिटलाइजेशन के एक नए दौर की शुरूआत होते दिखने लगी है। देश के अन्य हिस्सों में भले ही अभी कैशलेस की राह मुश्किल हो लेकिन कश्मीर के एक गांव ने इस रेस में बाजी मार ली है।
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नए दौर की इस व्यवस्था को अपनाने में जम्मू कश्मीर के एक गांव ने बड़ी पहल की है। पीएम के कैशलेस इकॉनमी के सपने को कुछ हद तक साकार करते हुए मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के एक गांव को पूरी तरह से कैशलेस बना दिया गया है।
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बड़गाम के इस नए कैशलेस गांव का नाम लनूरा है जो कि कैशलेस व्यवस्था को अपनाने वाला राज्य का पहला गांव बन गया है। लनूरा श्रीनगर से 30 किमी की दूरी पर स्थित एक गांव है।
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- फोटो : File Photo
भारत सरकार के इ-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के संयुक्त प्रयासों के बल पर इस गांव को कैशलेस बनाने का काम पूरा किया गया है।
इस क्रम में गांव के 150 लोगों को इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम (इपीएस) की ट्रेनिंग दी गई है साथ ही गांव के लोगों को डिजिटल ट्रांजेक्शन करने के प्रति जागरूक होने के लिए जानकारियां देकर इलेक्ट्रानिक तरीकों से पैसे खर्चने के तरीकों से जोड़ा जा रहा है।