कठुआ में दो जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जुथाना के जोड़ में जनजातीय समुदाय के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच बुरी तरह से घायल हैं। घायलों को चॉपर की मदद से पठानकोट के सैन्य अस्पताल ले जाया गया।
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शहर के वार्ड़ सात में तबाही का मंजर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ में रविवार सुबह बादल फटने से आई बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया। लोग अपने घरों में सो रहे थे तभी पानी का तेज बहाव उनके घर में आ गया। घर के सदस्यों ने छतों पर जाकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
शहर के वार्ड-7 की रहने वाली ममता देवी ने बताया कि अल सुबह जब वह अपने परिवार के साथ घर में सो रही थीं तभी पानी का तेज बहाव उनके घर में आ गया। जब तक कुछ समझ पातीं तब तक पानी पांच फीट तक भर गया था। ऐसे में जैसे-तैसे परिवार के सदस्यों ने साथ बने एक मकान की छत पर पहुंचकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन घर में रखी सब गृहस्थी तबाह हो गई।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
घर में न तो खाने के लिए एक दाना बचा है और न ही कपड़े। बिस्तर तक पानी में बह गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल वार्ड के अन्य घरों का है। जहां अचानक आई बाढ़ से लोगों का जान बचा पाना मुश्किल हो गया था।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
बताया कि जिन लोगों के घर दो मंजिला हैं उनका तो कुछ सामान बच गया, लेकिन भूतल पर बने घरों में लोगों का कुछ भी नहीं बचा है। वार्ड में हर तरफ कीचड़ और तबाही का मंजर दिख रहा था। बाढ़ के पानी में घरों में रखे सामान के साथ-साथ गली और सड़कें तक बर्बाद हो गई हैं।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
वार्ड में ब्राह्मण सभा के पास सड़क का हाल खड्ड जैसा हो गया है। वहीं गलियों में लगी टाइलें भी पूरी तरह से उखड़ गईं। गलियों में घरों की चहारदीवारी ढहने से आवागमन भी अवरुद्ध हो गया है।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
पठानकोट-जम्मू हाईवे धंसा कॉलेज परिसर में घुसा पानी
बीती रात को अचानक आई बाढ़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ भी जलमग्न हो गया। इसके अलावा जीएमसी के साथ लगते जम्मू-पठानकोट हाईवे का 100 मीटर रास्ता भी बाढ़ के कारण धंस गया है। फिलहाल धंसे हुए रास्ते पर हाईवे अथारिटी की तरफ से संकेतक लगा दिए गए है ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
वहीं, जीएमसी प्रशासन ने सर्विस लेन पर जमा हुए मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। कॉलेज में उपस्थित एमबीबीएस विद्यार्थियों ने बताया कि रात की हुई बारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ का पानी कॉलेज परिसर में घुस गया। रात को तो वे अपने कमरे में सौ रहे थे तो उनको पता नहीं चला, लेकिन जैसे ही सुबह हास्टल कमरों से बाहर निकले तो पाया कि पूरी सर्विस लेन बाढ़ से आए मलबे से जलमग्न हो चुकी है।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
बचाव में उतरी सेना, हेलिकाप्टरों से पठानकोट पहुंचाए गए घायल
बादल फटने से कठुआ में मची तबाही से राहत देने के लिए भारतीय सेना ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। रविवार को हादसा होने के बाद सेना के 150 जवान मौके पर पहुंचे। वहीं वायुसेना के हेलिकाप्टरों को भी मौके पर भेजा गया। हेलिकाप्टरों से घायलों को पठानकोट के मामून अस्पताल में भेजा गया।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही, रेस्क्यू कर ले जाता जवान
- फोटो : पीटीआई
कुछ लोगों को मौके से उठाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। सेना के जवानों ने रविवार कई परिवारों को निकाला। लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। जवान बच्चों और बुजुर्गों को अपने हाथों और कंधों पर उठाकर ले जाते हुए नजर आए।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही, रेस्क्यू कर बच्ची को ले जाता जवान
- फोटो : पीटीआई
सेना के साथ पुलिस, एसडीआरएफ और सीआरपीएफ की टीमें भी मौजूद हैं। जम्मू सांबा कठुआ रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा हादसा स्थल पर कैंप कर रहे हैं। सेना की मेडिकल टीम भी मौके पर मौजूद है।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
कठुआ में दो जगह बादल फटे, सात की मौत
किश्तवाड़ का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि कठुआ में दो जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जुथाना के जोड़ में जनजातीय समुदाय के पांच सदस्यों की मौत हो गई जबकि पांच बुरी तरह से घायल हैं। घायलों को चॉपर की मदद से पठानकोट के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। वहीं जंगलोट के बागड़ा में बादल फटने से मां और बेटी की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हैं। मृतकों में पांच बच्चे शामिल हैं। इससे कई इलाकों में सड़क संपर्क कट गया। रेल यातायात रविवार तड़के 4 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक बाधित रहा।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
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कठुआ के जोड़ जुथाना और जंगलोट के बागड़ा गांव में शनिवार देर रात बादल फटा। इन दोनों इलाकों के बीच की दूरी लगभग 15 से 20 रविवार तड़के तीन से चार बजे के बीच जिले में बारिश अचानक तेज हो गई। जुथाना के जोड़ इलाके में अनुसूचित जनजाति के परिवारों को भनक भी नहीं लगी कि कब बादल फटा और कब वे मलबे में जा दबे।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
- फोटो : पीटीआई
सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और सेना मौके पर रवाना हो गई। घायलों को सेना की ओर से मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। यहां पांच शव मिले। घायल पांच अन्य लोगों को चॉपर से सैन्य अस्पताल पठानकोट ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
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कठुआ में बादल फटने से आई तबाही
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इसी दौरान जुथाना के जोड़ से लगभग दस से पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर बागड़ा इलाके में भी तबाही मच गई। यहां कम आबादी वाले इलाके में बादल फटने के बाद तीन मकान पूरी तरह से मलबे में दब गए। जंगलोट में बाढ़ के चलते रेस्क्यू पहुंचने में समय लग गया। दोपहर एक बजे के लगभग एनडीआरएफ मौके पर पहुंची।
कठुआ में बादल फटने से आई तबाही, बाढ़ की चपेट में आने से कई घायल, जवानों ने बचाया
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इससे पहले स्थानीय लोगों और पुलिस ने अपने स्तर पर अभियान चलाया। यहां दो शव बरामद किए गए जबकि एक बच्चे को भी सुरक्षित बचाकर अस्पताल ले जाया गया है। वहीं कनियाड़ी में बाढ़ की चपेट में आकर दो लोग घायल हुए हैं।