आतंकी, अलगाववादी और पाकिस्तान युवाओं को बहकाने की कितनी ही कोशिशें कर लें, लेकिन कश्मीरी युवाओं का आइकन बुरहान कभी नहीं हो सकता। इन युवाओं के सामने रुबैदा सलाम, परवेज रसूल, अतहर आमिर, शाह फैसल और हिना खान जैसी बेशुमार नजीरें हैं जो इन्हें अपनी मंजिले मकसूद से भटकने नहीं देंगी। कश्मीर के ऐसे ही कुछ युवाओं ने अपना नाम न छापने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर आतंक का रास्ता इतना ही पाक-साफ है तो तमाम अलगाववादियों ने अपनी संतानों को तालीम और करियर के लिए विदेशों में क्यों भेज रखा है। इन्हें समझ आ गया है कि आतंक का रास्ता उनका तो भविष्य चौपट करेगा ही, आने वाली नसलों के लिए भी कुछ नहीं छोड़ेगा।
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रुबैदा सलाम
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- फोटो : Facebook
इन युवाओं को रुबैदा सलाम से प्रेरणा मिलती है जो वर्ष 2013 में सिविल सेवा की परीक्षा में 820वां स्थान हासिल कर सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली कश्मीर की पहली युवती बनी। इस साल मई में घोषित यूपीएसई परिणाम में उसका रैंक 764 रहा। रुबैदा नेे तीसरी बार यूपीएससी की परीक्षा पास की है। फिलहाल वह चेन्नई में बतौर पुलिस सह आयुक्त तैनात हैं।
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क्रिकेटर परवेज रसूल
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- फोटो : Amar Ujala
इसी तरह कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर परवेज रसूल अनंतनाग के बिजबिहाड़ा के रहने वाले हैं। भारतीय टीम में 2013 में जिंबाब्वे टूर पर इनको आलराउंडर के रूप में शामिल किया गया था। यह जम्मू-कश्मीर रणजी टीम के कप्तान हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में यह पुणे सनराइजर, रायल चैलेंजर, सनराइजर हैदराबाद के लिए खेल चुके हैं। कश्मीर के इतिहास में इनको सबसे अच्छे क्रिकेट खिलाडि़यों में से एक माना जाता है। काफी संख्या में युवा इनसे प्रभावित होकर क्रिकेट से जुड़े हैं।
अतहर आमिर उल सफी खान
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- फोटो : PTI
एक और नाम है अतहर आमिर उल सफी खान का। आमिर ने 2015 की यूपीएसई परीक्षा में देश भर में दूसरा स्थान पाकर रियासत का नाम रोशन किया। आमिर अनंतनाग के छोटे से गांव देवीपोरा के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी में दूसरा पायदान हासिल किया। अमिरर ने आईआईटी मंडी (हिमाचल प्रदेश) से बीटेक किया था। यूपीएससी के पहले प्रयास में भारतीय रेल ट्रैफिक सेवा के लिए चुना गया था। इनके पिता पेशे से टीचर हैं। आमिर उस इलाके से आते हैं, जहां मौजूदा समय में आतंकवाद चरम पर है। इस होनहार युवा ने आतंकवाद से प्रभावित न होकर जनता की सेवा का फैसला लिया।
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शाह फैसल
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- फोटो : facebook
1983 में जन्मे शाह फैसल यूपीएससी में टाप करने वाले जम्मू कश्मीर के पहले टापर थे। इनसे पहले अन्य किसी भी कश्मीरी युवा ने यूपीएससी की परीक्षा टाप नहीं की थी। पेशे से चिकित्सक शाह फैसल ने अपने पहले ही प्रयास में पहला स्थान हासिल कर सबको चकित कर दिया। सनद रहे कि आतंकियों को शरण नहीं देने पर आतंकियों ने इनके पिता की हत्या कर दी थी। इनकी मां टीचर हैं। बचपन से पारिवारिक स्थिति सही नहीं होने के बावजूद उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनकी सफलता पर उन्हें बधाई दी थी।
बहुत कम लोगों को पता होगा कि चर्चित धारावाहिक ये रिश्ता क्या कहलाता है में अक्षरा का किरदार निभाने वाली हिना खान श्रीनगर की रहने वाली हैं। वे 2009 से छोटे परदे पर धमाल मचा रहीं हैं। एमबीए पास हिना खान ने अपनी पढ़ाई गुड़गांव से की। यहीं से वह अपनी किस्मत आजमाने मुंबई चली गईं। जहां पर उन्हें धारावाहिक में काम करने का मौका मिल गया। 28 साल की हिना खान टेलीविजन की दुनिया की सबसे महंगी एक्ट्रेस में से एक हैं।