अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पांच अगस्त से 13वें शुक्रवार को घाटी के हालात में कुछ सुधार देखने को मिला। हालांकि, सुरक्षा बलों की ओर से कई इलाकों में पाबंदियां लगाई गई थीं। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। जामिया मस्जिद में जुमा की नमाज नहीं पढ़ने दी गई।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर में हालात में पिछले तीन दिनों की तुलना में शुक्रवार को सुधार देखने को मिला। केंद्र शासित बनने से पहले पिछले तीन दिनों से लगातार श्रीनगर समेत घाटी के लगभग सभी इलाकों में बंद रहा। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तक सिविल लाइन इलाके में दुकानें खुली रहीं और लोग खरीदारी करते देखे गए। कुछ इलाकों में दिन भर ठेले वाले अपना कारोबार करते रहे। सिविल लाइन इलाके में दिनभर निजी वाहन चलते रहे, जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट काफी कम संख्या में दौड़े।
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इस बीच श्रीनगर के पुराने शहर सहित घाटी के लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में हालात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे ताकि जुमा की नमाज के बाद किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति को नियंत्रण में किया जा सके। श्रीनगर के डाउन टाउन में भी अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी। सोवरा, हवाल, नौहट्टा आदि इलाकों में सड़कों पर कंटीली तारें बिछाई गई थीं।
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श्रीनगर के डाउन टाउन के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में 5 अगस्त के बाद लगातार 13वें शुक्रवार को जुमा की नमाज नहीं पढ़ने दी गई। इसके अलावा सभी मस्जिदों और दरगाहों में सामान्य रूप से नमाज अदा की गई। इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।पुलिस के अनुसार घाटी में हालात नियंत्रण में ही रहे।
बोर्ड परीक्षाएं भी हुईं
कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा भी तय कार्यक्रम के अनुसार हुईं। छात्रों के अभिभावक चिंतिंत जरूर दिखे। परीक्षा केंद्रों के बाहर बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावकों को पिछले कई महीने से पढ़ाई न होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता जताते दिखे।