चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी का व्रत 23 अप्रैल शुक्रवार को है। एक वर्ष में 24 एकादशी होती हैं, लेकिन जब तीन साल में एक बार अधिकमास (मलमास) आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। धर्मग्रंथों के अनुसार चैत्र मास शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली कामदा एकादशी पर विधि पूर्वक पूजा करने और व्रत रखने से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के प्रधान महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि एकादशी का व्रत करने वाले व्रती को अपने चित्त, इंद्रियों और व्यवहार पर संयम रखना आवश्यक है। एकादशी व्रत जीवन में संतुलनको कैसे बनाए रखना है, सीखाता है ।
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सांकेतिक तस्वीर
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इस व्रत को करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में अर्थ और काम से ऊपर उठकर धर्म के मार्ग पर चलकर मोक्ष को प्राप्त करता है। यह व्रत पुरुष और महिलाओं दोनों द्वारा किया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना महामारी के चलते घर में ही पूजन,स्नान एंव दान करें। इस दिन जो व्यक्ति दान करता है वह सभी पापों का नाश करते हुए परमपद प्राप्त करता है।
भगवान राम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
गणेश जी, लक्ष्मीनारायण, भगवान राम, श्री कृष्ण, महादेव की भी पूजा की जाती है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार एकादशी के पावन दिन चावल एवं किसी भी प्रकार की तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।