जम्मू से 27 किमी दूर झज्जर कोटली इलाके में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जैश के तीन आतंकियों ने बुधवार की सुबह जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया। इस हमले में सुरक्षा बल का कोई जवान घायल नहीं हुआ है, लेकिन आतंकियों ने खाकी वर्दी पहनकर ड्यूटी पर जा रहे सेरीकल्चर विभाग के माली गणेश दास को गोली मार दी। वह गंभीर रूप से घायल है। उसका इलाज जीएमसी में चल रहा है। हमले के बाद आतंकी जंगल में भाग निकले। उनकी तलाश में सेना व पुलिस संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। ऑपरेशन में ड्रोन व हेलीकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है। हमला उस समय हुआ जब पुलिस वालों ने एक ट्रक की तलाशी लेने की कोशिश की। घटना स्थल से एक एके 47, एक चाइनीज पिस्टल, छह ग्रेनेड व अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, तीनों आतंकी फिदायीन हमले करने के उद्देश्य से दाखिल हुए हैं। बुधवार की सुबह ये आतंकी कठुआ के हीरानगर नाले से घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए। इसके बाद तीनों आतंकी जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे एक ट्रक पर सवार होकर कश्मीर जा रहे थे। इस ट्रक में बाड़ी ब्राह्मणा से वालपुट्टी लोड की गई थी। झज्जर कोटली के पास पुलिस ने ट्रक रोकने की कोशिश की परंतु चालक ट्रक चालक फय्याज अहमद (निवासी पुलवामा)लेकर वहां से भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया तो चालक ने ट्रक को झज्जर कोटली के साईं कैफेटेरिया के पास खड़ा कर दिया।
इस बीच पुलिस पहुंच गई और उसने चालक से ट्रक की जांच करवाने को कहा। पुलिस ने जैसे ही साइड का दरवाजा खोला तो अंदर छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस कर्मी दूसरी तरफ भागा। इतने में आतंकी भी बाहर निकले और जंगल की तरफ भाग निकले। भागते समय झज्जर कोटली पुलिस स्टेशन के पास ड्यूटी पर जा रहे सेरीकल्चर विभाग के माली को पुलिस समझकर उन्होंने गोली मार दी। इस बीच ट्रक चालक फय्याज और उसका साथी मेडिकल स्टूडेंट इकबाल (निवासी बड़गाम)भी भाग निकला। इन्हें बाद में जनता ने दबोचकर पुलिस को सौंपा। प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों को त्रिकुटा नगर थाने लाया गया। इसके बाद दोबारा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के पास भेजा गया। देर रात दोबारा इन्हें त्रिकुटा नगर थाने लाया गया।
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आतंकी हमला
पुलिस ने जारी किया ब्यौरा, लोगों से मांगा सहयोग
घटना के बाद पुलिस ने आतंकियों का ब्योरा जारी करते हुए लोगों से इनकी तलाश में सहयोग की अपील की है। पुलिस के अनुसार हमला सुबह आठ बजे हुआ। इसके बाद आतंकी मौके से भाग निकले। 18 से 22 साल की उम्र के तीन आतंकी हैं जिनके पास पिट्ठू बैग है। दो के पास एके राइफल है जबकि तीसरे के पास पिस्तौल। आतंकियों में से एक ने पठानी सूट पहन रखा है जबकि दो ने पैंट-शर्ट। पुलिस ने आतंकियों का पता बताने वालों को इनाम की भी घोषणा की है।
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आतंकी हमला
हाई अलर्ट घोषित
हमले के बाद हाईवे से लगते इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सभी सैन्य प्रतिष्ठानों तथा प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में भी सुरक्षा तगड़ी कर दी गई। जम्मू शहर में बस स्टैंड तथा आस-पास के इलाकों में भी कड़ी सुरक्षा रही। एसएसपी जम्मू विवेक गुप्ता ने बताया कि हाईवे पर स्थित सभी नाकों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी वाहनों को चेकिंग के बाद ही छोड़ने की हिदायत दी गई है।
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आतंकी हमला
ट्रक चालक के दो भाई थे आतंकी
सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए ट्रक ड्राइवर के दो भाई आतंकी थे, जो कुछ साल पहले मुठभेड़ में मार दिए गए थे। चालक पुलवामा जिले का रहने वाला है। उसके साथ अन्य युवक इकबाल जो मेडिकल का स्टूडेंट बताया जा रहा है। वह भी बड़गाम का रहने वाला है। ट्रक का नंबर (जेके 03 एफ-1476)अनंतनाग का है।
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आतंकियों के लिए पराठे पैक करा रहा था ट्रक ड्राईवर
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जब ट्रक चालक को पुलिस फ्लाइंग स्क्वायड ने नाके पर रोका और वह नहीं रुका तो पुलिस ने पीछा किया। ट्रक चालक ने पुलिस को पीछे आता देख चकमा देने के लिए ट्रक को ढाबे पर खड़ा कर दिया। ढाबे के मालिक वरिंदर खजुरिया ने बताया कि ट्रक चालक के साथ एक अन्य युवक भी था। दोनों ने पांच पराठों का आर्डर दिया। कहा, दो यहीं लगा दो और तीन पराठे पैक कर दो। उन्होंने दो पराठे टेबल पर रख दिए। तभी एक पुलिस कर्मी वहां आया और पुलिसकर्मी ने चालक से कहा कि ट्रक की चेकिंग कराएं।
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जम्मू, रियासी, उधमपुर में सुरक्षा कड़ी की गई, हाई अलर्ट
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आतंकी हमला
आतंकियों के फरार हो जाने और अब तक पता न लगने को देखते हुए तीन जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस की तरफ से जम्मू, रियासी तथा उधमपुर जिलों की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया। वाहनों की जांच के आदेश दिए गए हैं। जगह जगह नाके लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि आतंकी इनका सहारा लेकर भाग न जाएं। आतंकियों की जानकारी भी सांझा की गई है। ताकि यह कहीं दिखें तो पुलिस को सूचित करें। इस हमले के बाद जम्मू के प्रमुख चौक चौराहों, सैन्य प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट और प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
पहली बार जम्मू से गए आतंकी
जम्मूू में पहले भी कई बार आतंकी हमले हो चुके है। लेकिन इस हमले में सबसे खास बात यह है कि इस बार आतंकी कश्मीर से नहीं बल्कि जम्मू से कश्मीर की तरफ जा रहे थे। पुलिस को फिलहाल पूछताछ में यह पता चला है कि ट्रक में दीवारें पोतने का सामान लोड था। वह कठुआ बार्डर से घुसे और जम्मू से होकर कश्मीर पहुंचने वाले थे।
कई दिनों से आ रही थी सूचनाएं
पुलिस के पास संदिग्ध दिखने की कई दिनों से सूचनाएं आ रही थी। कुछ दिन पहले कुंजवानी नाके से एक वाहन भाग गया था। जिसका पीछा किया गया था। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था। उसके बाद बठिंडी क्षेत्र में संदिग्ध दिखने के बाद आपरेशन चलाया गया था। वहा पर भी कोई नहीं पकड़ा गया। तब से ही शहर में संदिग्ध होने की सूचना थी। लेकिन फिर भी एजेंसियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
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आतंकी हमला
निशाने पर हो सकते थे सैन्य मुख्यालय
आतंकी कठुआ से झज्जर कोटली तक पहुंच गए। रास्ते में कई सैन्य ठिकाने हैं। इनमें कठुआ, सांबा, जम्मू आदि जगहों पर हाईवे पर ही करीब एक दर्जन सैन्य कैंप हैं। इनमें से आतंकी कहीं भी हमला कर सकते थे। जबकि जम्मू से आगे बढ़ने के बाद नगरोटा और उधमपुर के सैन्य कैंप भी हैं। आतंकियों के पास से जो जखीरा मिला है। उससे साबित होता है कि वह किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। उनके पास इतना सामान है कि वह कई दिन तक लड़ाई लड़ सकते हैं।
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दिनभर दहशत में रहे लोग
हमला होने के बाद से झज्जर कोटली इलाके में दहशत का माहौल है। सुबह जैसे ही हमले की खबर फैली तो लोग अपने घरों में दुबक गए। कई लोगों ने अपने घरों में ताले लगा लिए। इस खबर के फैलते ही लोग डरे सहमे हुए स्कूलों में पहुंच गए। बच्चों को लेकर अपने घर पहुंचे। खबर फैलने के बाद ही स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। इलाके में कई दुकानें भी बंद कर दी गईं। हालांकि हाईवे पर दुकानें खुली रहीं।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद नगरोटा के विधायक देवेंद्र राणा भी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। पुलिस ने सभी लोगों से कहा है कि वह सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध के दिखने पर पुलिस को तुरंत सूचना दें।
आतंकियों ने ट्रक में छिपने का कर रखा था इंतजाम
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आतंकी हमला
जिस ट्रक में आतंकी सवार होकर झज्जर कोटली तक पहुंचे थे उसमें उन्होंने अपने छिपने का पूरा इंतजाम कर रखा था। वालपुट्टी से लदे ट्रक के अगले और पिछले हिस्से में पुट्टी के बोरे लदे थे। बीच में स्थान खाली रखा गया था। जगह इतनी थी कि इसमें आतंकी हथियार लेकर छिपे हुए थे।
गाड़ी की तलाशी में एके 47 राइफल व मैगजीन के साथ ही तीन रेनकोट भी बरामद हुए हैं। रेनकोट के गीले होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों ने ट्रक में सवार होने से पहले कोई नदी या नाले को पार किया होगा। सुरक्षा एजेंसियां सारे बिंदुओं को केंद्र बिंदु में रखकर जांच कर रही हैं।
आतंकी हमले के चलते आठ घंटे बंद रहा जम्मू-श्रीनगर हाईवे
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आतंकी हमला
झज्जर कोटली के पास आतंकी हमले से जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे पर यातायात दिन भर बाधित रहा। जम्मू से श्रीनगर जाने वाले वाहनों के पहिये करीब आठ घंटे तक थमे रहे। जबकि श्रीनगर से आने वाले वाहनों को रूट बदल कर जम्मू भेजा गया। सबसे अधिक परेशानी माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए कटड़ा जाने वाले श्रद्धालुओं को हुई।
बुधवार सुबह ही आतंकी हमले की खबर सुनने के बाद नगरोटा के पास वाहनों को रोक दिया गया था। सुबह 9 बजे के बाद वाहनों को आगे नहीं जाने दिया गया। बड़ी तादाद में श्रीनगर जाने वाले ट्रक भी रोक दिए गए। शाम करीब 4 बजे वाहनों को छोड़ा गया। कुछ घंटाें के लिए श्रीनगर से आने वाले वाहनों को भी उधमपुर में रोक लिया गया, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सेना, सीआरपीएफ तथा एसओजी के जवानों को बुलाकर पूरे इलाके को घेरकर सर्च आपरेशन चलाया गया।
पहले भी हाईवे पर हो चुके हैं हमले
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आतंकी हमला
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर उधमपुर के पास समरौली में जैश आतंकियों ने अगस्त 2015 में बीएसएफ की कानवाय पर हमला किया था। इसमें तीन जवान शहीद हो गए थे। एक आतंकी मारा गया था, जबकि एक अन्य पाकिस्तानी आतंकी नावेद को ग्रामीणों ने गिरफ्तार कर लिया था।
हमले के बाद नावेद गांव में घुस गया था और ग्रामीणों को बंधक बना लिया था। बाद में ग्रामीणों ने उसे काबू कर लिया था। यह हमला अमरनाथ यात्रियों का काफिला गुजरने के ठीक बाद हुआ था। जून 2016 को कुद इलाके में एसआरटीसी की बस में सफर कर रहे एक आतंकी ने वाहन चेकिंग के दौरान सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला कर दिया था। इसी साल आतंकियों ने सुंजवां सैन्य कैंप पर भी हमला किया था।
39 किमी के सफर में आधा दर्जन नाकों से बच निकले आतंकवादी
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आतंकी हमला
झज्जर कोटली में हुआ आतंकी हमला एक और नाकामी है। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक ही कहा जाएगा। बाड़ी ब्राह्मणा से लोड हुआ यह ट्रक आतंकियों को लेकर 39 किलोमीटर दूर झज्जर कोटली तक पहुंच गया। रास्ते में कई पुलिस नाके आए। लेकिन कहीं पर यह पकड़ में नहीं आए। यदि यह ट्रक बाईपास रोड से झज्जर कोटली गया, तब भी रास्ते में बड़ी ब्राह्मणा का बलोल पुलिस नाका, इसके बाद कुंजवानी पुलिस नाका, फिर सिद्धड़ा पुलिस नाका, सिद्धड़ा के आगे पुल का नाका, नगरोटा पुलिस नाका और यहां तक की बन टोल प्लाजा से भी यह ट्रक आगे से गुजरकर गया।
आधा दर्जन पुलिस नाकों की नाक तले ये ट्रक निकल कर झज्जर कोटली पहुंच गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि आतंकियों के भागने के करीब एक घंटे के बाद पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई। तब तक सेना और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए। बार-बार यह बात सामने आई है कि नेशनल हाइवे पर हमेशा आतंकियों के हमला करने का खतरा है। बावजूद इसके आतंकी हाईवे से कठुआ से झज्जर कोटली तक पहुंच गए तो इसे सुरक्षा में एक बड़ी चूक ही कहा जाएगा।
इससे पहले इसी साल सुंजवां में हुआ आतंकी हमला भी सुरक्षा में एक बड़ी चूक था। आतंकी इलाके में पूरी रात बिताने के बाद सैन्य कैंप में घुसे और हमला कर दिया। इससे पहले जब उधमपुर के नरसो नाले के पास आतंकी हमला हुआ था। तब जिंदा पकड़े गए आतंकी नावेद ने बताया था कि वह कितनी देर तक हाइवे पर रुका रहा। ट्रक में बैठा रहा। तब भी वह बड़ी ब्राह्मणा से ही बैठा था। उधमपुर तक पहुंच गए थे।