कश्मीर में आतंक अब अपने अंतिम दौर से गुजर रहा है। पिछले दो साल में आतंक के बड़े चेहरों का कश्मीर से सफाया हो चुका है। अब सिर्फ तीन ऐसे आतंकियों की तिकड़ी है, जिसके दम पर कश्मीर में आतंक टिका हुआ है। इनमें रियाज नायकू, जीनत उल इस्लाम और जाकिर मूसा शामिल हैं।
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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी
- फोटो : self
बुरहान वानी, सद्दाम पाडर, समीर टाइगर, सब्जार अहमद भट्ट, तौसीफ शेख, नवीद जट, मोहम्मद शेख, बशीर लश्करी ये आतंक के वो नाम हैं, जिनका सफाया हो चुका है। अब कश्मीर में सिर्फ तीन ऐसे नाम हैं, जो आतंकवाद को जिंदा रखे हुए हैं। अब इन तीनों का काम तमाम करने के लिए सुरक्षाबलों ने होमवर्क करना शुरू कर दिया है।
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zakir musa
जाकिर मूसा
जाकिर रशीद भट्ट, उर्फ जाकिर मूसा गजवा-तुल-हिंद का हेड है। 29 साल का मूसा ए ट्रिपल प्लस श्रेणी का आतंकी है। अक्तूबर 2013 से सक्रिय है। वह पुलवामा जिले के अवंतीपुरा के गांव पंजगाम का रहने वाला है।
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रियाज नायकू
रियाज नायकू
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के पास अब कश्मीर में कोई बड़ा नाम बचा है, तो वह रियाज नायकू का है। 30 साल का नायकू ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी कमांडर है। रियाज बीएससी की पढ़ाई कर चुका है। दक्षिण कश्मीर में वह 2012 से सक्रिय है।
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Zeenat-ul-Islam
जीनल उल इस्लाम
कश्मीर में लश्कर ए तैयबा के पास अब एक ही बड़ा चेहरा बचा है। वह है जीनत उल इस्लाम। अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद जीनत को लश्कर ने कमांड दी थी। ये डबल ए प्लस श्रेणी का आतंकी है और आईईडी विस्फोट करने में विशेषज्ञ है।
ऑपरेशन ऑल आउट की तरफ बढ़े कदम
वर्ष 2017 में सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउटशुरू किया। ऑपरेशन के पहले 20 महीनों में ही 447 आतंकी मार गिराए गए हैं। इनमें कई बड़े आतंकी कमांडर शामिल है। अगर अगले साल भी कश्मीर में इतने ही आतंकी मारे गए तो कश्मीर में सिर्फ इक्का दुक्का ही आतंकी बचेंगे। 2017 में 217 आतंकी मारे गए और इस साल अब तक पहले दस महीने में 230 आतंकी मारे गए हैं।