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जम्मू-कश्मीर में टीबी के मामलों में आई गिरावट, जानिए किन कारणों से होती है यह बीमारी

Wed, 24 Mar 2021 01:21 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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टीबी की बीमारी
जम्मू-कश्मीर में उचित चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और जागरूकता को लेकर टीबी मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर में जिला जम्मू और सांबा संयुक्त रूप से नए मामलों में आगे रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों की तुलना में वर्ष 2020 में इन जिलों में नए मामलों में गिरावट आई है। टीबी के मरीजों के लिए डाइट्स (डायरेक्ट ऑबजर्व ट्रीटमेंट) योजना वरदान साबित हुई है। एक अन्य योजना में पंजीकृत मरीजों को इलाज लेने पर प्रतिमाह 500 रुपये (डीबीटी) डायरेक्ट बैंक ट्रांसेक्शन में दिए जा रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2020 में 5705 नए टीबी के मामले आए हैं, जबकि इससे पहले यह औसत दस हजार के करीब थी। हालांकि कोविड के दौरान पाबंदियों के चलते कुछ माह चिकित्सा देखभाल प्रभावित भी रही। वर्ष 2017 में जिला जम्मू में 2637 टीबी के नए मामले मिले थे। इसी तरह वर्ष 2018 में 3597 (टारगेट 2520) मामले मिले। वर्ष 2019 में जिला जम्मू के साथ सांबा को भी शामिल किया गया और 2710 के टारगेट पर 3773 नए मामले मिले, लेकिन वर्ष 2020 में 2802 के टारगेट पर 2481 सक्रिय मामले मिले, जो पिछले सालों की तुलना में गिरावट है।
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डॉ मीनाक्षी कोतवाल - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में प्रति लाख आबादी पर 800 लोगों के थूक की जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अनुमानित 3 फीसदी टीबी के मरीज आने चाहिए। जिला ट्यूबरक्लोसीस अधिकारी डॉ मीनाक्षी कोतवाल का कहना है कि टीबी की रोकथाम और इलाज को लेकर जागरूकता बढ़ाई गई है। इसके अलावा कोविड के दौरान टीबी संक्रमितों और आम लोगों ने अधिक मास्क का उपयोग किया है, जिससे टीबी का संक्रमण कम फैला है। कोविड के दौरान टीबी मरीजों के घर जाकर उन्हें नियमित दवा के प्रबंध किए गए। जिससे जिला जम्मू और सांबा में नए मामलों में गिरावट आई है। एक टीबी का मरीज उसके संपर्क में आने वाले दस लोगों को बैक्टीरिया का संक्रमण दे सकता है। भारत में प्रतिदिन 1200-1300 लोग टीबी से मर रहे हैं, जबकि यह इलाज वाली बीमारी है।
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टीबी
बैक्टीरिया से मानव को मिलता है टीबी
माइको बैक्टीरियम ट्यूबर क्लोसीस नामक बैक्टीरिया मानव को टीबी से पीड़ित करता है। इसमें शारीरिक रूप से कमजोर लोग इसकी जद में ज्यादा आते हैं। बैक्टीरिया से संक्रमित व्यक्ति को अगर इलाज न दिया जाए तो वे अपने आसपास के वातावरण में बैक्टीरिया का संक्रमण फैलाता है।

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टीबी
2600 कोविड मरीजों के टेस्ट किए गए
स्टेट ट्यूबरक्लोसिस अफसर डॉ. संजय तुर्की के अनुसार जम्मू संभाग में ट्रूू नेट मशीन पर 2600 कोविड मरीजों के टेस्ट किए गए। इसके अलावा 13 मशीनों को विभिन्न चिकित्सा केंद्रों पर भेजा गया है, जिसमें टीबी की स्क्रीनिंग की जा रही है। इस मशीन में थूक का सैंपल लेकर दो घंटे के भीतर रिपोर्ट आ जाती है।  
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लक्षण
1. तीन हफ्ते तक लगातार खांसी रहना
2. शाम के समय हल्का बुखार होना
3. वजन गिरना और सांस फूलना
4. धीरे धीरे भूख कम होते जाना
5. खांसी या बलगम में खून आना
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tb medicine
कारण
1. धूम्रपान, नशीले पदार्थों का सेवन
2. खानपान ठीक से न होना
3. ज्यादा शराब का सेवन करना
4. पौष्टिक आहार की कमी रहना


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