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जम्मू-कश्मीर: गेहूं पर मंडरा रहा खतरा, अब तक 200 कनाल में फसल हो चुकी है राख

Thu, 29 Apr 2021 01:50 PM IST
करिश्मा चिब सतीश वालिया, जम्मू
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गेहूं की फसल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
गेहूं की फसल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इस बार अब तक जम्मू संभाग में 200 कनाल भूमि में फसल आग की चपेट में आ चुकी है। इससे किसानों को 25 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। अग्निकांड की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। कहीं पर आपसी रंजिश सामने आई है तो कहीं शॉर्ट सर्किट कारण बना। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया है। मौजूदा समय में जम्मू संभाग में 80 फीसदी गेहूं की फसल अभी खेतों में खड़ी है। गेहूं की कटाई के लिए बाहरी राज्यों से आने वाली कंबाइनों और अन्य का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से भी बिजली कारपोरेशन से कटाई के बाद समस्या का निदान करने के लिए कहा है। खेतों के ऊपर से गुजरते बिजली के तार आपस में टकराने के कारण इनसे निकलती चिंगारियों से सूखी फसल को आग लग जाती है। जिससे किसानों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। किसानों का कहना है कि हर बार ऐसा ही होता है। आग की चपेट में फसल आ जाती, लेकिन प्रदेश सरकार इस दिशा में कुछ नहीं करती। अभी तक 20 फीसदी फसल ही कट पाई है।
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बारिश से गेंहू की फसल गिर गई - फोटो : अमर उजाला
खेतीबाड़ी से ही किसानों का चलता है घर
समतल इलाकों में किसान खेतीबाड़ी कर ही परिवार का पालन पोषण करते हैं। फसल पककर कट जाए तो आय भी हो जाती है। आग्निकांड से प्रभावित होने पर किसानों को बाजारों से राशन खरीदना पड़ता है।
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काले गेहूं की फसल। - फोटो : अमर उजाला।
जम्मू संभाग में ढाई लाख हेक्टेयर में होती गेहूं की खेती
जम्मू संभाग में कुल ढाई लाख हेक्टेयर जमीन में गेहूं की बिजाई की जाती है। इसमें डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि पहाड़ी इलाकों में है, जबकि सौ हेक्टेयर भूमि समतल इलाकों में है। आग की घटनाएं सबसे ज्यादा समतल इलाकों में सामने आ रही हैं।

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फायर ब्रिगेड जम्मू - फोटो : फाइल, अमर उजाला
फायर ब्रिगेड ही अंतिम विकल्प
अग्निकांड से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड ही अंतिम विकल्प है। मगर कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जहां पर फायर ब्रिगेड खेतों तक नहीं पहुंच पाती। इस कारण एक के बाद एक खेत आग की चपेट में आ जाते हैं।
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गेहूं की फसल में लगी आग। - फोटो : अमर उजाला।

विभाग ने जारी की एडवाइजरी
कृषि विभाग ने फसल को आग से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी कर सावधानियां बरतने के लिए कहा है। रात के समय भी किसान फसलों पर नजर रखें और सूख चुकी फसल की कटाई जल्द करें। अगर कोई बीड़ी-सिगरेट का प्रयोग करता है तो उसको खेतों में ऐसा करने से रोकें। ट्रैक्टर, कंबाइन आदि पर बैटरी वाली तारों को स्पार्क न होने दें, मैकेनिक से सर्विस करवाएं।

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अग्निकांड से फसलें प्रभावित हो रही हैं। एडवाइजरी जारी की गई है। किसान खेतों की निगरानी करें। अग्निकांड के पीछे शॉर्ट सर्किट और आपसी रंजिश सामने आई है। किसान एक-दूसरे का सहयोग करें। - केके शर्मा, निदेशक, कृषि विभाग, जम्मू.
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