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J&K: अलगाववादियों की हड़ताल का दूसरा दिन आज, सेना की मनाही के बावजूद निकलेगा मार्च

Mon, 17 Dec 2018 12:05 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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srinagar - फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हिंसा में सात लोगों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों के आह्वान पर रविवार को पूरी घाटी में बंद का असर रहा। हिंसा की आशंका में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया है। मोहम्मद यासीन मलिक भूमिगत हैं।
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srinagar - फोटो : PTI
बंद को देखते हुए श्रीनगर के नौशेरा, खानयार, रैनावारी, सफाकदल, महाराजगंज था मायसूमा पुलिस थाना क्षेत्र में पाबंदियां लगाई गई थीं। सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहे। पेट्रोल पंप, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा दुकानें बंद रहीं। संडे मार्केट भी नहीं लगा। घाटी में रेल सेवाएं स्थगित रहीं। मोबाइल इंटरनेट ठप रहा। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां में दूसरे दिन भी तनाव की स्थिति रही।  

 
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srinagar - फोटो : बासित जरगर
पुलवामा जिले के सिरनू गांव में शनिवार को हिजबुल कमांडर जहूर अहमद ठोकर समेत तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। हिंसक प्रदर्शनों में सात नागरिक मारे गए थे, जबकि 50 से अधिक घायल हो गए थे। इस पर अलगाववादियों के संगठन ज्वाइंट रेजीस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने तीन दिन के बंद का आह्वान किया है। 

 

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srinagar - फोटो : बासित जरगर
आज बादामीबाग मार्च का आह्वान
अलगाववादियों ने सोमवार को श्रीनगर में सेना के 15 कोर के बादामी बाग मुख्यालय तक विरोध मार्च का आह्वान किया है। उधर सेना ने लोगों को मार्च करने से मना किया है।

 
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srinagar protest - फोटो : PTI
यूएनओ मार्च नाकाम,पूर्व विधायक हिरासत में
पूर्व विधायक तथा अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष इंजीनियर रशीद के समर्थकों के साथ यूएनओ दफ्तर मार्च को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। जीरो ब्रिज के पास जुलूस को पुलिस ने रोक दिया और रशीद को हिरासत में ले लिया। उन्हें राजबाग पुलिस थाने ले जाया गया। इससे पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सात लोगों के  मारे जाने की जिम्मेदारी राज्यपाल, डीजीपी तथा सेना प्रमुख को नैतिक रूप से लेनी चाहिए। विश्व समुदाय को भी देखना चाहिए कि कश्मीर में क्या हो रहा है। 
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