जम्मू-कश्मीर के पांच जिलों से धारा 144 हटा ली गई है। जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर और रियासी जिलों में सभी तरह के प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। जम्मू क्षेत्र के इन पांच जिलों में स्कूल और कॉलेज खोल दिए गए हैं। इन जिलों में सभी बाजार और दुकानें खुली हैं एवं यातायात सामान्य है। घाटी में अब भी पाबंदियां जारी हैं। सुरक्षा बलों का संवेदनशील तथा प्रमुख स्थानों पर कड़ा पहरा है।
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हाल-ए-कश्मीर
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घाटी व लद्दाख के साथ ही जम्मू संभाग के पुंछ, राजोरी, डोडा व किश्तवाड़ और रामबन जिलों में संचार सेवा ठप है। किश्तवाड़ एवं डोडा जिलों में कर्फ्यू में ढील दी गई है। सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति बढ़ी है। कश्मीर घाटी में पाबंदियां जारी रहीं। श्रीनगर के सिविल लाइंस और डल झील के कुछ इलाकों में लोगों को आवाजाही की छूट देने से निजी वाहन भी सड़कों पर चल रहे हैं।
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फल व सब्जियों की दुकानें भी खुलीं रहीं। अधिकारी ने बताया कि हालात सामान्य हो रहे हैं और पांच अगस्त को धारा 144 लागू करने के बाद से अब तक क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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सप्लाई प्रभावित, आयुष कालेजों में दाखिला भी रुका
एहतियात के तौर पर लगाई गई पाबंदियों से संभाग के कई जिलों के साथ घाटी में खाद्य आपूर्ति की थोक आपूर्ति पर असर पड़ा है। शहर की सबसे बड़ी थोक मंडी वेयर हाउस मार्केट से पचास फीसदी तक सप्लाई प्रभावित हुई है। इनमें चालक भी पाबंदी वाले इलाकों में जाने से कतरा रहे हैं। आयुष कॉलेजों में दाखिले के लिए अंतिम तिथि 14 अगस्त है, लेकिन नेट बंद होने से कई उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से रजिस्ट्रेशन की तिथि में बदलाव को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी नेता गिरफ्तार
जम्मू को अलग राज्य का दर्जा देने सहित अन्य मांग पर प्रदर्शन कर रहे प्रदेश और यूथ कांग्रेस के कई नेताओं को पीर मिट्ठा पुलिस ने शहीदी चौक स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। सभी को घंटों पुलिस स्टेशन में रखा गया। नेताओं का आरोप था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें घसीटते हुए ले गई।
घाटी से अब तक 40 हजार लोग ट्रेन से रवाना
घाटी में उपजे हालात के बीच पिछले पांच दिन में रेलवे ने 40 हजार के करीब श्रमिकों और पर्यटकों को रेलवे ने उनके राज्य भेजा है। इसी कड़ी में शनिवार को 45 सौ के करीब श्रमिकों को विशेष ट्रेन से उनके राज्यों की ओर रवाना किया। घाटी में उपजे तनाव के चलते 15 अगस्त से शुरू होने वाली जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की रात्रिकालीन बस सेवा के फिलहाल शुरू होने की उम्मीद नहीं है।